प्रयागराज (सुरभि गुप्ता)। आजकल की आपाधापी भरी जिंदगी में लोगों के पास सुकून नहीं है। न खाने का समय है न ही सोने का। कहने के लिए 24 घंटे हैं लेकिन खुद के लिए वक्त नहीं है। कोई शारीरिक रूप से टूटा हुआ तो कोई भावनात्मक रूप से। ऐसे माहौल में संगमगनरी की बेटियां ‘योग के टॉनिक’ से लोगों को सेहतमंद बना रहीं हैं। आइए जानते हैं इनके बारें में,
योग के साधारण आसन सिखाने वाले लोग तो आसानी से आपको मिल जाएंगे, लेकिन मधु श्रीवास्तव लोगों को कस्टमाइज योग सिखा कर उन्हें स्वास्थ्य रहने में मदद कर रही हैं। जार्ज टाउन की रहने वाली मधु कहती हैं कि लोग बाहरी रूप से साफ कर लेते हैं लेकिन आत्मिक रूप से स्वच्छ होना जरूरी है।
माइग्रेन, अवसाद, एकाग्रता की कमी, लीवर से संबंधित समेत कई बीमारियों के परेशान लोग उनके पास आते हैं, जिसे वह उन्हें योग सिखाकर दूर करने की कोशिश करती हैं। वह तकरीबन नौ वर्षों से योग से जुड़ी हैं।
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dr. deepti yogeshawar
- फोटो : self
डॉ. दीप्ति ने घरेलू महिलाओं को किया योग के प्रति प्रेरित
आठ वर्षों से योग से जुड़ी डॉ. दीप्ति योगेश्वर पेशे से तो फीजियोथेरेपिस्ट हैं, मगर योग के जरिए भी लोगों को स्वस्थ्य रहने के तरीके बता रहीं हैं। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में योग प्रशिक्षक होने के साथ ही ऑनलाइन भी सिखाती हैं।
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prayagraj news : डॉ. दीप्ति।
- फोटो : prayagraj
खास यह कि डॉ. दीप्ति योगेश्वर ने घरेलू महिलाओं को योग के प्रति प्रेरित किया। बताती हैं कि घरेलू महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी उन्हें कई दिक्कतें होती हैं लेकिन खुद के लिए वह वक्त नहीं निकाल पाती।
ऐसे में उन्होंने लॉकडाउन में योग की ऑनलाइन क्लासेज चलाकर महिलाओं को जोड़ा। उनकी बीपी, थाइरायड, कमर दर्द, जोड़े के दर्द, डायबिटीज आदि बीमारियों को नियंत्रित करने में उनकी मदद कर रही हैं।
ऑनलाइन योग स्टूडियो चला रहीं चैतन्या
म्योराबाद की चैतन्या पढ़ाई के साथ लोगों को योग भी सिखा रही हैं। वह आनलाइन लोगों को प्रशिक्षित करती हैं। अपने ऑनलाइन योग स्टूडियो के जरिए वह लोगों को स्वस्थ्य और खुश रहने के तरीके बता रहीं हैं।
टाइक्वांडो में रेड वन बेल्ट चैतन्या कहती हैं कि योग में लोगों की स्वास्थ्य संबंधी अधिकतर समस्याओं का समाधान हैं। अगर लोग योग के जरिए खुद के लिए हर रोज आधे घंटे का भी वक्त निकाले तो अधिकतर बीमारियों से दूर रह सकते हैं।