कई नेताओं ने की थी दावेदारी
इस बार शहर उत्तरी से हर्ष के अलावा पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी की बहु कविता यादव त्रिपाठी, डा. एलएस ओझा, राधाकांत ओझा, कुंज बिहारी मिश्र आदि का नाम टिकट के दावेदारों में शामिल था। रविवार की देर शाम तक उहापोह की स्थिति बनी रही, लेकिन अंत में हर्ष बाजपेयी ने बाजी मार ली।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि शनिवार को दिल्ली में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में ही हर्ष के नाम पर सहमति बनी। प्रयागराज में मजबूत ब्राह्मण चेहरा देखते हुए पार्टी नेताओं ने हर्ष के नाम का अनुमोदन किया। चर्चा है कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी हर्ष के नाम पर अपनी सहमति जता दी। उनकी सहमति के बाद ही राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने रविवार को जारी लिस्ट में हर्ष बाजपेयी का नाम भी घोषित कर दिया।
जेपी नड्डा समेत भाजपा के कई नेताओं से अशोक बाजपेयी ने किया था संपर्क
शहर उत्तरी विधायक हर्ष वर्धन बाजपेयी के टिकट को लेकर इस बार काफी उहापोह की स्थिति बनी हुई थी। तीन फरवरी तक तय नहीं था कि पार्टी उन्हें टिकट देगी या नहीं।
इस बीच डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के नामांकन के बाद प्रयागराज पहुंचे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रदेश प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से हर्ष के पिता एवं पूर्व विधायक अशोक बाजपेयी की मुलाकात पार्टी कार्यालय में हुई।
इस दौरान कई पार्षदों ने भी हर्ष को मजबूत प्रत्याशी बताने के साथ उनकी पैरवी की। इसी मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व हर्ष को लेकर कोई निर्णय ले सकता है।
मंगलवार को होगा हर्ष का नामांकन
विधायक हर्ष वर्धन बाजपेयी मंगलवार आठ फरवरी को अपना नामांकन शहर उत्तरी विधानसभा सीट से करेंगे। उनके पिता अशोक बाजपेयी ने बताया कि उनके नाम की घोषणा रविवार की रात हुई है। इसलिए नामांकन से जुड़ी तैयारी सोमवार को कर ली जाएगी और मंगलवार को हर्ष अपना नामांकन कर देंगे।
पिछले चुनाव में सर्वाधिक मतों से जीते थे राजमणि कोल
भाजपा द्वारा जारी की गई सूची में आरती कोल का नाम काटकर एक बार फिर से विधायक राजमणि कोल को कोरांव सुरक्षित सीट से प्रत्याशी बनाया गया है। पिछले चुनाव में राजमणि कोल ने इस सीट पर एक लाख से ज्यादा मत पाए थे। तब उन्होंने कांग्रेस पार्टी के रामकृपाल को 50 हजार से ज्यादा मतों से शिकस्त दी थी।
इस बार जब राजमणि कोल का टिकट काटा गया तो हर कोई हैरत में पड़ गया। संघ में अच्छी पैठ होने की वजह से उसके कुछ पदाधिकारियों ने भी राजमणि कोल के नाम की वकालत की। इसके बाद पार्टी ने आरती कोल का टिकट काटने के साथ यमुनापार में पूर्व जिला मंत्री रह चुके राजमणि कोल को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया।
काम नहीं आई केशरी नाथ की पैरवी
केशरी नाथ त्रिपाठी की बहु कविता यादव त्रिपाठी शहर उत्तरी विधानसभा सीट से सशक्त उम्मीदवार के रूप में देखी जा रही थीं। वह उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में लगातार लोगों से संपर्क भी कर रही थीं। उनके ससुर और पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने भी कविता के टिकट के लिए पैरवी की। चर्चा है कि केशरी नाथ को कुछ वरिष्ठ नेताओं की ओर से सकारात्मक आश्वासन भी मिला, लेकिन पार्टी ने हर्ष पर ही भरोसा जताते हुए शहर उत्तरी से उम्मीदवार घोषित कर दिया।
इसके साथ ही प्रतापगढ़ की रानीगंज सीट से भी मौजूदा विधायक धीरज ओझा को टिकट मिला है। दोनों विधायकों के टिकट कटने की अटकलें काफी दिनों से लगाई जा रही थीं। रविवार रात जारी हुई सूची से सारी कयासबाजी पर विराम लग गया। सूची में 40 विधानसभा के प्रत्याशियों की घोषणा की गई है।
जिसमें पड़ोसी जिले भदोही जिले की भदोही विधानसभा से मौजूदा विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी और औराई सुरक्षित से भी विधायक दीनानाथ भास्कर को फिर टिकट मिला है। इसी तरह मिर्जापुर की मड़िहान से योगी सरकार में मंत्री और निवर्तमान विधायक रमाशंकर पटेल और नगर विधानसभा मिर्जापुर सदर से विधायक रत्नाकर मिश्रा को फिर उम्मीदवार बनाया गया है। चुनार से भी निवर्तमान विधायक अनुराग सिंह को टिकट दिया गया है।