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सरकारी नौकरी : दरोगा भर्ती की आयु सीमा बढ़ाने के लिए अड़े अभ्यर्थी

Sun, 06 Feb 2022 10:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से पुलिस प्रोन्नति एवं भर्ती बोर्ड और शासन को पत्र भेजकर यह मुद्दा उठाया गया है। समिति की ओर से मांग की गई है कि पुलिस आरक्षी/उपनिरीक्षक की भर्ती प्रति वर्ष निकाली जाए।
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UP Police - फोटो : Social Media
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विस्तार
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भर्तियों में भ्रष्टाचार एवं बेरोजगारी के मुद्दे पर भर्ती संस्थाओं के खिलाफ मोर्चा खोल चुके प्रतियोगी छात्र पुलिस भर्ती के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा बढ़ाए जाने की मांग पर अड़े हैं। प्रतियोगियों को इस बात से समस्या है कि भर्ती हर साल नियमित रूप से न कराए जाने के कारण अभ्यर्थी ओवरएज हो रहे हैं और जब चार-पांच साल बाद भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाता है तो अधिकतम आयु सीमा पूरी कर चुके अभ्यर्थी भर्ती में शामिल होने से वंचित रह जाते हैं।

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प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से पुलिस प्रोन्नति एवं भर्ती बोर्ड और शासन को पत्र भेजकर यह मुद्दा उठाया गया है। समिति की ओर से मांग की गई है कि पुलिस आरक्षी/उपनिरीक्षक की भर्ती प्रति वर्ष निकाली जाए। अगर किसी वर्ष रिक्तियां न हों तो आगामी भर्ती में आयु अधिकतम आयु सीमा की गणना पूर्व भर्ती के आधार पर की जाए। पुलिस आरक्षी की अधिकतम आयु सीमा 22 वर्ष से बढ़ाकर 25 वर्ष की जाए और उप निरीक्षक भर्ती की अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष की जाए।



समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय का कहना है कि जब सबसे कठिन आईपीएस की ट्रेनिंग को सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी 30 वर्ष और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी 35 वर्ष में पूरी कर सकते हैं तो दरोगा एवं सिपाही भर्ती के युवा क्रमश: 30 सवं 25 वर्ष की आयु में ट्रेनिंग क्यों नहीं कर सकते हैं।
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समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने दरोगा भर्ती के अभ्यर्थियों की तरफ से यह मांग भी की है कि परीक्षा में प्रत्येक खंड में उत्तीर्ण होने के लिए 50 फीसदी अंकों की अर्हता समाप्त की जाए और संपूर्ण प्रश्नपत्र के 50 फीसदी अंकों को उत्तीर्ण होने की अर्हता का मानक बनाया जाए। साथ ही जिस तरह उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और संघ लोक सेवा आयोग हर वर्ष भर्ती कराते हैं, उसी तरह दरोगा एवं आरक्षी भर्ती कराई जाए।

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शिक्षक भर्ती के अचयनितों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
बीएड एवं टीईटी 2011 के क्वालीफाई और 72800 शिक्षक भर्ती के अचयनित अभ्यर्थियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वर्षों तक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने से वंचित रह गए। इन अभ्यर्थियों ने रविवार को चंद्रशेखर आजाद पार्क में बैठक की। अभ्यर्थियों ने कहा कि वर्तमान सरकार में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही और न ही किसी तरह की राहत मिली।



अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय में ज्ञापन देकर सपा को समर्थन की घोषणा की। जिलाध्यक्ष ने उन्हें आश्वस्त किया कि सपा की सरकार बनी तो अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा। ज्ञापन देने वालों में चंद्रमोहन त्रिपाठी, हरिमोहन त्रिपाठी, संजीव तिवारी, अटल बिहारी यादव, प्रमोद यादव, अनीश श्रीवास्तव, कुंज बिहारी उपाध्याय, दिलीप सरोज आदि शामिल रहे।
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