अल्लापुर में रहने वाले 13 वर्षीय उत्कर्ष पांडेय ने तानों से तंग आकर फंदे पर लटककर जान दी थी। पिता धीरज पांडेय का आरोप है कि कुछ रिश्तेदार उनके बेटे को तंग करते थे। उसके नैन नक्श व सांवले रंग को लेकर ताने मारकर उत्पीड़न करते थे। इसी से परेशान होकर वह फांसी पर लटक गया।
हालांकि पुलिस का कहना है कि अब तक कोई तहरीर परिजनों की ओर से नहीं दी गई है। होली ट्रिनिटी स्कूल में आठवीं का छात्र उत्कर्ष शुक्रवार को घर के एक कमरे में फंदे पर लटका मिला था। पुलिस का कहना था कि परिजन वजह नहीं बता पाए। शनिवार को बच्चे के पिता धीरज पांडेय ने सनसनीखेज खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि उनके कुछ रिश्तेदार उनके बेटे को प्रताड़ित करते थे। उसके रंग-रूप को लेकर ताने मारकर उसे सरेआम अपमानित करते थे। राह चलते भी उसे कमेंट करते थे। दरअसल 2011 में एक हादसे में वह करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गया था। कई दिनों के इलाज के बाद उसे बचाया जा सका था।
उसके शरीर के कुछ हिस्सों में प्लास्टिक सर्जरी भी कराई गई थी। इसी को लेकर रिश्तेदार उसे ताने मारते थे। हादसे के बाद शरीर में आई कमी को लेकर उसे अपमानित करते थे। इसी को लेकर वह बेहद परेशान रहता था। पूर्व में इसी बात को लेकर रिश्तेदारों से विवाद होने पर पिता की ओर से जार्जटाउन थाने में शिकायत भी की गई थी। जिस पर पुलिस ने समझौता करा दिया था।
पिता का आरोप है कि तानों से तंग आकर ही उनके बेटे ने जान दे दी। वह इस मामले की शिकायत पुलिस से करेंगे। हालांकि जार्जटाउन इंस्पेक्टर का कहना है कि उन्हें अब तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
रात में ही हुआ पोस्टमार्टम
उधर बच्चे के शव का पोस्टमार्टम रात में ही कराया गया जिसके बाद परिजन शव लेकर पैतृक गांव दुगौली, मिर्जापुर चले गए। शनिवार सुबह वहीं अंतिम संस्कार किया गया। मृतक मां-बाप की तीन संतानों में सबसे बड़ा था। उसकी एक बहन व एक छोटा भाई है। बच्चे की मौत से माता-पिता रो-रोकर बेहाल रहे। अन्य परिजन भी गम में डूबे रहे। मृतक बच्चे के चाचा सीआरपीएफ में महेंद्र पांडेय कमांडेंट हैं। जबकि पिता ठेकेदारी करते हैं।