जिला अदालत में वकील नबी अहमद की हत्या के बाद से फरार निलंबित दरोगा शैलेंद्र सिंह के बारे में एक चौंकाने वाली जानकारी मिली है। पता चला है कि कचहरी की घटना के छह घंटे बाद रात करीब आठ बजे वह नारीबारी चौकी पहुंचा था। दरोगा नारीबारी चौकी का ही प्रभारी था। उसने सरकारी कमरे से अपने सामान बटोरे फिर कार में मौजूद अपने किसी साथी संग भाग गया। अब उसकी तलाश की जा रही है।
शैलेंद्र सिंह ने बुधवार दोपहर करीब सवा बजे जिला अदालत परिसर में झड़प के बाद वकील नबी अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वकीलों ने घेरा तो वह भागकर एसएसपी कार्यालय में घुस गया था। तब से वह फरार है। एसएसपी ने उसे निलंबित कर दिया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि फरार दरोगा की तलाश की जा रही है। मगर अब एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। पता चला है कि शैलेंद्र सिंह बुधवार रात करीब आठ बजे नारीबारी चौकी पहुंचा जहां वह बतौर चौकी प्रभारी तैनात था। खुद सिपाहियों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि दरोगा एक कार में आया था। कार में एक और व्यक्ति था।
दरोगा ने अपने कमरे में जाकर जल्दबाजी में जरूरी सामान समेटे, फिर कार में बैठकर निकल गया। सूत्रों ने तो यह भी बताया कि वह शंकरगढ़ थाने भी गया था मगर थाना प्रभारी और सीओ ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है। आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर का भी कहना है कि उन्हें अपने स्तर से जांच में यह पता चला कि रात में दरोगा नारीबारी चौकी गया था।
वहां उसने सिपाहियों से कहा कि मान-सम्मान से बढ़कर कुछ नहीं है। उसे मारा-पीटा जा रहा था इसलिए उसे बचाव में गोली चलानी पड़ी। आईपीएस अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने बताया कि वह वकील और पुलिस के मतभेद को दूर करने के लिए स्वतंत्र समिति बनाकर इस मसले की जांच कर रहे हैं। एक महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन और हाईकोर्ट को देंगे। इस दौरान विभिन्न लोगों से बात की जाएगी।