पेड़ के सहारे जेल से फरार होने में हुआ था कामयाब
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे 20 जुलाई को सब्जी तोड़ने के लिए जेल की पहली लेयर से बाहर लाया गया था। बाग में सब्जी तोड़ने के दाैरान माैका पाकर वह पेड़ों के पीछे छिप गया। इसके बाद वह महिला बैरक की तरफ गया। यहां उसे एक पेड़ दिखा जो काफी ऊंचाई तक था। इसी पेड़ के सहारे वह जेल से फरार होने में कामयाब रहा। फरार होने के बाद वह महोबा समेत इधर-उधर घूमता रहा, क्योंकि उसे शक था पुलिस उसे पकड़ने घर जरूर आएगी। फिर से गिरफ्तारी के डर से उसने मुंबई जाने का प्लान बनाया था।
अब सामान्य बंदियों से रखा जाएगा अलग
दीवार फांदकर फरार होने वाले कालीचरण को नैनी जेल में सामान्य बंदियों से अलग रखा जाएगा। जेल प्रशासन उसे सामान्य बंदियों से अलग रखने के साथ ही उसे अब कमान में नहीं भेजेगा। नैनी पुलिस न्यायालय के समक्ष उसे पेश करने के बाद उसे देर शाम नैनी जेल भेज दिया। वहीं जेल प्रशासन द्वारा उसे जेल के अंदर अलग रखने की व्यवस्था की गई है।
पत्नी तक पहुंचने का नहीं मिला मौका
कालीचरण फरार होने के बाद दिल्ली भाग गया। इसके बाद वह अपनी ससुराल पहुंचा। पास के गांव में छिपा रहा। लेकिन उसे पत्नी तक पहुुंचने का मौका नहीं मिला। इसके बाद वह मुंबई भागने के लिए छिवकी पहुंचा था। यही वह पुलिस की गिरफ्त में आ गया। उसने बताया कि फरार होने के दो दिन पहले उसकी पत्नी अपने भाई संग मिलने आई थी। बातचीत में उसे अपनी पत्नी के चालचलन पर शक हुआ। तभी से वह फरार होने का प्लान बनाने लगा।