कानपुर के शिवराजपुर में कोल्ड स्टोर चलाने वाली मेसर्स नीरज पोटैटो प्रिजर्वेशन एंड फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. के यहां आलू का भंडारण करने वाले दो किसानों ने कंपनी से 9 मार्च 2018 को 4,09,022 रुपये का ऋण लिया, लेकिन लौटाया नहीं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर में कोल्ड स्टोरेज चलाने वाली कंपनी को दो आलू किसानों से ऋण की वसूली एमएसएमईडी एक्ट के तहत करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने पाया कि जिस वक्त किसानों को ऋण दिया गया था, तब कंपनी इस अधिनियम में पंजीकृत नहीं थी।
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कानपुर के शिवराजपुर में कोल्ड स्टोर चलाने वाली मेसर्स नीरज पोटैटो प्रिजर्वेशन एंड फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. के यहां आलू का भंडारण करने वाले दो किसानों ने कंपनी से 9 मार्च 2018 को 4,09,022 रुपये का ऋण लिया, लेकिन लौटाया नहीं। याची कंपनी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम 2006 (एमएसएमईडी अधिनियम) के तहत पंजीकृत बताते हुए मीडियम एंटरप्राइजेज फैसिलिटेशन काउंसिल, कानपुर नगर के यहां वसूली के लिए दावा किया।
अधिनियम के तहत 18 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज जोड़ते हुए कुल 6,35,873 रुपये का दावा किया गया था। काउंसिल ने 25 नवंबर 2022 को दावा खारिज कर दिया। इसके विरोध में कंपनी की ओर से अधिवक्ता अमित सक्सेना ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कहा कि ऋण देते वक्त (9.3.2018 को) कंपनी एमएसएमईडी अधिनियम के तहत वित्तीय सेवाओं की श्रेणी में पंजीकृत नहीं थी। लिहाजा, कंपनी का दावा गलत है। कोर्ट ने याचिका निराधार मानते हुए खारिज कर दी।