दाखिल याचिका में कहा गया है कि यूपी पुलिस में वर्ष 2018 के पांच साल बाद भर्ती आई। जबकि, उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में वर्ष 2017 में एफिडेविट दिया था कि 2017 से 2020 तक प्रत्येक वर्ष 30 हजार भर्तियां अगस्त माह में निकालेंगे और उसे समयबद्ध तरीके से पूरी करेंगे।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में आयु सीमा की छूट का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। सर्वेश पांडेय व 28 अन्य प्रतियोगी छात्रों ने याचिका दाखिल कर भर्ती में आयु सीमा में छूट दिए जाने की मांग की है। मामले में सुनवाई शीतकालीन अवकाश के बाद होगा।
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दाखिल याचिका में कहा गया है कि यूपी पुलिस में वर्ष 2018 के पांच साल बाद भर्ती आई। जबकि, उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में वर्ष 2017 में एफिडेविट दिया था कि 2017 से 2020 तक प्रत्येक वर्ष 30 हजार भर्तियां अगस्त माह में निकालेंगे और उसे समयबद्ध तरीके से पूरी करेंगे। लेकिन 2018 में 41520 और 49568 की दो भर्तियों के बाद अब तक कोई भर्ती नहीं आई।
पांच साल के बाद जब भर्ती आई तो वर्ष 2019 या 2020 में जो अभ्यर्थी अर्ह थे, वे इस भर्ती में ओवरएज हो गए हैं। यह भी कहा गया कि कुछ अभ्यर्थी वर्ष 2018 में अंडर एज थे। लेकिन वर्ष 2023 में भर्ती आने के कारण वह ओवर एज हो गए हैं। ऐसे अभ्यर्थियों ने लगातार कैंपेन चलाकर आयु सीमा का मामला सरकार के समक्ष भी रखा। अभ्यर्थियों ने प्रत्यावेदन भी दिया है। लेकिन, सरकार ने उस पर विचार किए बिना भर्ती विज्ञापन जारी कर दिया।