अभ्यर्थियों का दावा है कि आयोग ने जितने पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था, उससे अधिक पद कॉलेजों में रिक्त पड़े हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने इस भर्ती में शामिल होने के लिए अनिवार्य शैक्षिक अर्हता पूरी कर ली है।
प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या-51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया को डेढ़ साल पूरे होने वाले हैं लेकिन अभी तक परीक्षा नहीं कराई गई। नए शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन के बाद यह भर्ती शुरू होगी। इस दौरान कॉलेजों में सैकड़ों पद खाली हुए हैं। ऐसे में पुरानी भर्ती में नए पदों को शामिल किए जाने की उम्मीद बढ़ी है।
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अभ्यर्थियों का दावा है कि आयोग ने जितने पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था, उससे अधिक पद कॉलेजों में रिक्त पड़े हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने इस भर्ती में शामिल होने के लिए अनिवार्य शैक्षिक अर्हता पूरी कर ली है। ऐसे अभ्यर्थी चाहते हैं कि विज्ञापन संख्या-51 के तहत आवेदन की खिड़की एक बार फिर से खोल दी जाए और उसी भर्ती में नए पदों को शामिल कर लिया जाए। इन तमाम मुद्दाें को लेकर अभ्यर्थियों ने उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र भी लिखा है।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि समिति की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की गई है कि अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति होते ही लंबित भर्तियां तत्काल शुरू कर दी जाएं और भर्तियां इस तरह से हों कि इसी शैक्षिक सत्र में शिक्षकों के अधिक से अधिक पदों पर नियुक्तियां हो जाएं।