पिछली कई परीक्षाओं की तरह इस बार भी पीसीएस-2022 में ऐसे चयनितों की संख्या काफी अधिक है, जिन्होंने स्नातक या परास्नातक की पढ़ाई तो विज्ञान विषय से की, लेकिन पीसीएस में मानविकी विषयों के साथ शामिल हुए और सफलता हासिल की। फिलहाल विज्ञान और मानविकी के बीच का यह विवाद अब खत्म होने जा रहा है। पीसीएस-2023 से सभी अभ्यर्थियों का एक समान मूल्यांकन होगा।
पीसीएस-2022 में सफलता हासिल करने वाले कई अभ्यर्थियों ने बीएससी, एमएससी या बीटेक की पढ़ाई की और इसके बाद मानविकी विषय से पीसीएस परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे अभ्यर्थियों की रही, जिन्होंने समाजशास्त्र या भूगोल विषय से परीक्षा दी। हालांकि, आयोग की ओर से कोई आंकड़ा तो जारी नहीं किया गया, लेकिन चयनितों से बातचीत के आधार पर यह तस्वीर सामने आई है।