पर्याप्त संख्या में केंद्रों की अनुपलब्धता के कारण अब तक तय नहीं हो सका है कि यह परीक्षा एक दिन में होगी या दो दिन में पूरी कराई जाएगी। आशंका तो परीक्षा टलने की भी जताई जा रही है। अभ्यर्थी भी उहापोह की स्थिति में हैं और उनकी परीक्षा से संबंधित तैयारी प्रभावित हो रही है। परीक्षा के आयोजन को एक माह से कम वक्त बचा है और आयोग ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
इस बीच आयोग ने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के मद्देनजर आरओ/एआरओ-2023 की प्रारंभिक परीक्षा योजना में भी संशोधन कर दिया है। यह परीक्षा आयोग के कैलेंडर में 22 दिसंबर-2024 को प्रस्तावित है। अब दो के बजाय एक प्रश्नपत्र की प्रारंभिक परीक्षा होगी। वहीं, केंद्र निर्धारण के नियम सख्त होने के कारण आयोग को कम से कम तीन सत्रों यानी डेढ़ दिन में यह परीक्षा पूरी करानी होगी। ऐसे में आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा की तिथि में भी आयोग को परिवर्तन करना पड़ सकता है।