हर अखाड़े में तैनात होंगे नोडल अफसर
योगी ने कहा कि सनातन धर्म का गौरव बढ़ता है तो संतों का भी गौरव बढ़ेगा। समाज में संतों को लेकर अब धारणा बदल रही है। लोग साधु-संतों को सम्मान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा प्रयास होगा कि वह प्रत्येक 10 दिन में प्रयागराज आएं और यहां हो रहे कार्यों को देखें। कहा कि अब यहां शाम के समय ही आऊंगा और रात में भ्रमण करूंगा ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
उन्होंने साधु संतों को हर प्रकार की सुविधा और सुरक्षा का आश्वासन दिया। योगी ने कहा कि प्रत्येक अखाड़े के लिए एक-एक नोडल अफसर की तैनाती होगी। महाकुंभ मेले के दौरान प्रयागराज में मांस और मदिरा पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि गुलामी के निशान हटने चाहिए। इसके लिए सरकार तेजी से प्रयास कर रही है।
सीएम ने कहा कि यह पौराणिक मेला है। इसमें साधु-संत ही मुख्य हैं। इसलिए साधु-संतों की सलाह पर ही सारे कार्य किए जाएंगे। सीएम ने 2019 के कार्यों की सराहना की। कहा कि उस समय के अधिकारियों ने सारे कार्यक्रमों को काफी अच्छे तरीके से कराया।
समय सीमा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि महाकुंभ की परियोजनाओं में समय सीमा और गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो जवाबदेही तय की जाएगी। सीएम ने कहा कि मेले में आने वाले एक-एक व्यक्ति का सत्यापन होना जरूरी है। सुरक्षा के लिहाज से इस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू किया जाना चाहिए। सीएम ने साधु संतों से भी कहा कि मीडिया से बातचीत करते समय किसी तरह की नकारात्मक टिप्पणी करने से बचें.