सराय ममरेज थाना क्षेत्र के पटैल गांव के रहने वाले गौरव सिंह (20) ने इसी साल इंटर पास किया था। करीब डेढ़ महीने पहले वह सोहबतियाबाग के रहने वाले पवन पटेल के घर किराये का कमरा लिया था। गौरव के पिता की मौत के बाद मां रेखा उसे लेकर पटेल नगर स्थित अपने मायके आ गईं थीं।
करीब डेढ़ महीने पहले शहर में पढ़ने आए छात्र गौरव सिंह ने रविवार को फांसी लगाकर जान दे दी। गौरव के कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। इसी कारण परिजनों ने हत्या का आरोप लगा दिया। पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि पोस्टमार्टम से साफ हो गया कि गौरव ने फांसी लगाई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग बताया गया। देर शाम घर वाले शव लेकर चले गए।
विज्ञापन
सराय ममरेज थाना क्षेत्र के पटैल गांव के रहने वाले गौरव सिंह (20) ने इसी साल इंटर पास किया था। करीब डेढ़ महीने पहले वह सोहबतियाबाग के रहने वाले पवन पटेल के घर किराये का कमरा लिया था। गौरव के पिता की मौत के बाद मां रेखा उसे लेकर पटेल नगर स्थित अपने मायके आ गईं थीं। यहां गौरव अपने नाना और मामा सुरेश के साथ रह रहा था। इंटर पास होने के बाद उसे शहर भेज दिया गया ताकि वह आगे अच्छे ढंग से पढ़ाई करे। रविवार की सुबह गौरव का शव कमरे में फांसी पर लटकता मिला। दरवाजा खुला हुआ था।
मकान मालिक पवन पटेल ने घर वालों और पुलिस को सूचना दी। नाना और मामा समेत तमाम रिश्तेदार सोहबतियाबाग पहुंच गए। दरवाजा खुला होने के कारण उन्होंने आरोप लगाया कि गौरव की हत्या हुई है। उसे मारकर लटका दिया गया। उनका यह भी कहना था कि गौरव को कोई परेशानी नहीं थी तो वह क्यों खुदकुशी करेगा। हंगामे के बाद इंस्पेक्टर महेश सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घर वालों को आश्वस्त किया कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद जो चाहेंगे, कार्रवाई कर दी जाएगी। शाम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गया कि गौरव ने फांसी लगाई थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि कमरे की तलाशी में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। गौरव ने ऐसा क्यों किया, इसकी जानकारी की जा रही है। मोबाइल कॉल डीटेल्स की छानबीन की जाएगी।