राष्ट्रपति साढ़े 11 बजे हाईकोर्ट पहुंचेंगे और यहां राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत मल्टीलेवल पार्किंग व अधिवक्ता चैंबर की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा वह बार एसोसिएशन के लाइब्रेरी हॉल में अधिवक्ता एबी सरन के तैल चित्र का लोकार्पण करेंगे तथा झलवा में बन रहे राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का शिलान्यास भी करेंगे।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के 11 सितंबर को शहर में होंगे। उनके स्वागत की तैयारियां जोरशोर से शुरू हो गईं हैं। आयोजन स्थल झलवा के अलावा संगम क्षेत्र तथा पूरे मार्ग को सजाया जा रहा है। हालांकि, अफसरों का कहना है कि अभी लिखित में कुछ नहीं आया है। जबकि हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि राष्टपति रामनाथ कोविंद और मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना 11 सितंबर को प्रयागराज आएंगे। उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी होंगे। राष्ट्रपति इलाहाबाद हाईकोर्ट और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित तीन कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
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उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति साढ़े 11 बजे हाईकोर्ट पहुंचेंगे और यहां राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत मल्टीलेवल पार्किंग व अधिवक्ता चैंबर की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा वह बार एसोसिएशन के लाइब्रेरी हॉल में अधिवक्ता एबी सरन के तैल चित्र का लोकार्पण करेंगे तथा झलवा में बन रहे राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का शिलान्यास भी करेंगे। विधि विश्वविद्यालय एवं अधिवक्ता चैंबर के शिलान्यास को लेकर झलवा एवं सूबेदारगंज में भी तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। इसके अलावा राष्ट्रपति बड़े हनुमान मंदिर एवं संगम दर्शन के लिए भी जा सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए संगम क्षेत्र में भी तैयारी की जा रही है। बमरौली एयरपोर्ट से संगम तक सफाई अभियान शुरू किया गया है। इसके अलावा डिवाइडर की भी पेंटिंग की जा रही है। इस बाबत विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गड्ढा मुक्त हो जाएंगी सड़कें
राष्ट्रपति के कार्यक्रम से शहरियों को भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। पूरे शहर में जगह-जगह सड़कें उखड़ गई हैं। कई जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे भी हो गए हैं। संगम चौराहा तथा आसपास के क्षेत्रों में गड्ढे में बोल्डर डालकर तारकोल डाले गए हैं लेकिन बैरहना, सोहबतियाबाग डाट पुल, सिविल लाइंस, ड्रमंड रोड समेत कई स्थानों पर अब भी गड्ढे हैं। राष्ट्रपति के आगमन से पहले इन गड्ढों की भी पैचिंग किए जाने की उम्मीद है। हालांकि राष्ट्रपति के कार्यक्रम वाले मार्गों को छोड़कर अन्य स्थानों पर टूटी-फूटी सड़कों एवं जलभराव से लोगों को कब राहत मिलेगी इस बारे में कुछ कह पाना मुश्किल है।