सड़क हादसे में घायल इलाज के दौरान अधेड़ की मौत के बाद मानधाता थाने का घेराव करने पहुंची महिलाओं क?
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सब्जी खरीदकर घर लौटते समय बाइक की टक्कर से वृद्ध की मौत हो गई। तहरीर देने के बाद भी मुकदमा दर्ज न करने से आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया। मुकदमे की कापी मिलने के बाद लोग घर लौटे। पुलिस के रवैए को लेकर लोगों में आक्रोश था।
मानधाता निवासी रामआसरे (55) मंगलवार की देर शाम सब्जी खरीदकर घर लौट रहा था। मुनीश्वरदत्त इंटर कॉलेज के सामने पीछे से आ रही बाइक ने उसे टक्कर मार दी। घटना के बाद चालक बाइक लेकर भाग निकला। घायल रामआसरे को मानधाता सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख प्रयागराज रेफर कर दिया। इलाज के दौरान बुधवार की रात उसकी मौत हो गई। आरोप है कि पिता की मौत के बाद बेटे ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन मानधाता पुलिस छानबीन करने की बात करने लगी।
जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर एफआईआर की कापी उपलब्ध कराई। तब जाकर ग्रामीण घर लौटे। मृतक के तीन बेटे व दो बेटियां हैं। सीओ रानीगंज डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि कुछ गलतफहमी के चलते ग्रामीण थाने आ गए थे।
बिना तहरीर के ही थानाध्यक्ष ने लिख दिया था मुकदमा
मानधाता थानाध्यक्ष उदयवीर का कहना था कि ग्रामीणों को जानकारी नहीं थी। मुकदमा मंगलवार की रात ही लिख दिया गया था। जबकि मृतक के बेटे की ओर से बृहस्पतिवार को तहरीर दी गई। सवाल यह उठ रहा है कि यदि मुकदमा दर्ज कर लिया गया होता तो ग्रामीण उत्तेजित होकर थाने का घेराव करने क्यों पहुंचते। फिलहाल किरकिरी होने के बाद मानधाता पुलिस के रवैए में बदलाव आया।