प्रयागवाल क्षेत्र में स्थित किन्नर अखाड़ा के शिविर में बृहस्पतिवार की देर रात भीषण आग लग गई थी। पांच टेंट जलकर राख हो गए थे जबकि तीन लोग झुलस गए। इनमें से दो की हालत गंभीर थी। हादसे में जर्मनी से आई महिला का सामान भी जल गया था। घटना का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
किन्नर अखाड़े के शिविर में लगी आग से झुलसे एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई। बृहस्पतिवार की रात में आग लगने से झुलसे करेली के करेंदा के रहने वाले राजकुमार उर्फ बेचन मास्टर (55) को उपचार के लिए एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत नाजुक होने पर देर रात उनकी मौत हो गई।
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प्रयागवाल क्षेत्र में स्थित किन्नर अखाड़ा के शिविर में बृहस्पतिवार की देर रात भीषण आग लग गई थी। पांच टेंट जलकर राख हो गए थे जबकि तीन लोग झुलस गए। इनमें से दो की हालत गंभीर थी। हादसे में जर्मनी से आई महिला का सामान भी जल गया था। घटना का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
थाना प्रयागवाल क्षेत्र में ओल्ड जीटी रोड व संगम लोअर मार्ग चौराहे के पास ही किन्नर अखाड़े का शिविर स्थित है। रोज की तरह ही रात में सभी खाना खाने के बाद सो गए थे। रात 2:20 मिनट पर अचानक शिविर में बने एक टेंट में आग लग गई। इस टेंट में दिल्ली के बदरपुर से आए सतवीर (60) व उनकी पत्नी रमेश (57) थीं। दोनों चीखते हुए बाहर भागे तो आसपास के टेंटों में सो रहे श्रद्धालु भी नींद से जग गए। वहां मौजूद लाेगाें ने आग बुझाने की कोशिशें की, लेकिन वह नाकाम रहे। तब तक आग ने तेजी से फैलते हुए अगल-बगल के चार और टेंटों को भी चपेट में ले लिया। इससे चारों तरफ आग की लपटें उठने लगीं।
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सूचना मिली तो पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंच गई। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक खाने, कपड़े समेत कई अन्य सामान जलकर राख हो गए। इनमें दिल्ली से आए दंपती सतवीर व रमेश और करेंहदा निवासी बेचन (55) साल शामिल हैं। तीनाें को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें रमेश व बेचन ज्यादा झुलसे थे।