इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी पैन कार्ड बनवाने के मामले में पूर्व मंत्री आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की सजा बढ़ाने की मांग को लेकर दाखिल राज्य सरकार की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर दोनों को नोटिस जारी किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी पैन कार्ड बनवाने के मामले में पूर्व मंत्री आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की सजा बढ़ाने की मांग को लेकर दाखिल राज्य सरकार की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर दोनों को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने यह आदेश दिया।
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राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि दोनों को गंभीर अपराध में दोषी ठहराया गया है। धारा 467 आईपीसी में आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने अपेक्षाकृत कम सजा सुनाई है। इसलिए सजा बढ़ाई जानी चाहिए। आजम और अब्दुल्ला ने भी ट्रायल कोर्ट की सजा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका के साथ दोनों की याचिकाओं को संबद्ध कर सुनवाई करने का आदेश दिया है।
रामपुर की अदालत ने दोनों को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके बाद सेशन कोर्ट ने आजम की सजा बढ़ाकर दस वर्ष कर दी, जबकि अब्दुल्ला की सजा सात वर्ष बरकरार रखते हुए जुर्माना बढ़ाया था। अब इस आदेश को लेकर सभी पक्षों से जवाब मांगा गया है।