सर्दियाें के दौरान रेल पटरियों में सिकुड़न और दरार आने के खतरे से निपटने के लिए रेलवे बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) समेत देश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
सर्दियाें के दौरान रेल पटरियों में सिकुड़न और दरार आने के खतरे से निपटने के लिए रेलवे बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) समेत देश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। हादसों को रोकने के लिए अब रात में गश्त करने वाले पेट्रोलमैन जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस से लैस होंगे। इनकी लाइव लोकेशन और मूवमेंट पर कंट्रोल रूम से सीधी नजर रखी जाएगी।
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इसके अलावा पटरियों का तापमान लगातार मापने के लिए कंटीन्यूअस रेल थर्मामीटर लगाए गए हैं। यह सीधे ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम को वास्तविक समय में आंकड़े भेजेंगे। अत्यधिक ठंड और पाले के जोखिम को देखते हुए भोर तीन से छह बजे के बीच विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक सिविल इंजीनियरिंग (प्लानिंग) केआर चौधरी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि गश्त पर केवल अनुभवी कर्मियों को ही तैनात किया जाए। उन्हें ठंड से बचाव के लिए सुरक्षा किट भी दी जाए। इसके अलावा पटरियों की आंतरिक जांच (यूएसएफडी) समय पर पूरी करने और घिसाव या जंग मिलने पर ट्रेनों की रफ्तार घटाने के निर्देश दिए गए हैं।