प्रयागराज। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज अशोक भूषण के पैतृक मकान पर बमबाजी के मामले का खुलासा हो गया है। पुलिस के मुताबिक बदमाशों का रिटायर्ड जज के परिजनों से कोई विवाद नहीं था और उनके निशाने पर एक अन्य युवक था। इस युवक से उनकी घटनास्थल के पास ही चाय की दुकान लगाने वाले एक व्यक्ति की बेटी को लेकर विवाद हुआ था। घटना में शामिल शिवकुटी और कैंट निवासी चार बदमाश चिह्नित कर लिए गए हैं। जिनकी तलाश में देर रात तक दबिश जारी रही।
न्यायमूर्ति अशोक भूषण के कर्नलगंज में हाशिमपुर मोहल्ले में स्थित पैतृक मकान पर सोमवार शाम बमबाजी कर बाइक सवार युवक भाग निकले थे। रिटायर्ड जज के भाई अधिवक्ता अनिल भूषण ने किसी से विवाद की बात से इंकार किया था।
जिसके बाद उनकी तहरीर पर अज्ञात में केस दर्ज किया गया। सीसीटीवी फुटेज के जरिए बदमाशों की तलाश शुरू हुई और शनिवार सुबह घटना में शामिल चार बदमाशों की पहचान कर ली गई। इनमें म्योराबाद, कैंट के प्रकाश पासी, छोटू व और नया पुरवा शिवकुटी के नितिन व एक अन्य छोटू शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि सभी अपराधी हैं और दबंगई, मारपीट, गालीगलौज, धमकाना, रंगदारी मांगने के मामलों में इनका नाम आ चुका है। मुख्य आरोपी प्रकाश हाल ही में जेल से छूटकर आया है।
शनि ने दी थी देख लेने की धमकी, खोजते हुए पहुंचे थे
सूत्रों का कहना है कि रिटायर्ड जज के पैतृक मकान के पास ही एक व्यक्ति चाय की दुकान चलाता है। घटना में शामिल प्रकाश पासी का उसकी बेटी से मिलना जुलना था। युवती से रामबाग निवासी शनि की भी जान पहचान थी लेकिन प्रकाश के संपर्क में आने के बाद से उसने उससे दूरी बना ली थी। इसी बात को लेकर शनि ने युवती व उसके परिजनों को धमकाया था। इस बात की जानकारी पर प्रकाश ने फोन किया तो शनि से उसकी नोकझोंक हो गई। बात इतनी बढ़ी कि दोनों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी। इसके बाद ही प्रकाश अपने साथियों संग वहां बम लेकर पहुंच गया। शनि के न मिलने पर उसने अपने साथियों के साथ दीवार पर बम फोड़ दिए। जिस दीवार पर बम फोड़ा गया, वह रिटायर्ड जज के पैतृक मकान की थी। जिसके बाद हड़कंप मच गया।
दो दिन पहले हुई थी हवाई फायरिंग
सूत्रों का यह भी कहना है कि युवती को लेकर दोनों पक्षों में दो दिन पहले भी विवाद हुआ था। इस दौरान हवाई फायरिंग भी की गई थी। सूत्रों का यह भी कहना है कि इस मामले में जार्जटाउन पुलिस को तहरीर भी दी गई। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस बारे में अफसरों का कहना है कि जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि तहरीर थाने नहीं बल्कि चौकी में दी गई थी। ऐसे में चौकी पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए थी। उससे पूछताछ की जाएगी।
घटना में शामिल बदमाशों का पता लगाया जा चुका है और उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। अब तक की जांच से लगभग साफ हो गया है कि घटना को अंजाम देने वाले युवकों का रिटायर्ड जज के परिजनों से किसी तरह का विवाद नहीं था। उनके पकड़े जाने के बाद अन्य बातों का खुलासा होगा।
सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, डीआईजी