चुनाव आयोग के निर्देश पर 16 जनवरी को छत्तीसगढ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ डोर टू डोर प्रचार के दौरान कोविड प्रोटोकाल का पालन न करने पर थाना सेक्टर 49 में भूपेश बघेल और पंखुड़ी पाठक समेत कई अन्य पर एफआईआर दर्ज हुई थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांग्रेस की राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट पंखुड़ी पाठक के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट और आपराधिक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की कोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर की ट्रायल कोर्ट द्वारा कोविड प्रोटोकाल के उल्लंघन मामले में गैर जमानती वारंट को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिया हैं। पंखुड़ी पाठक को कांग्रेस ने वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में नोएडा विधान सभा से प्रत्याशी बनाया था।
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चुनाव आयोग के निर्देश पर 16 जनवरी को छत्तीसगढ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ डोर टू डोर प्रचार के दौरान कोविड प्रोटोकाल का पालन न करने पर थाना सेक्टर 49 में भूपेश बघेल और पंखुड़ी पाठक समेत कई अन्य पर एफआईआर दर्ज हुई थी।
इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद ट्रायल में पंखुड़ी पाठक को बतौर आरोपी तलब किया गया था। अदालत में पेश न होने पर उनके खिलाफ ट्रायल कोर्ट ने 14 मार्च 2024 को गैर जमानती वारंट जारी किया, जिसके खिलाफ पंखुड़ी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इससे पहले हाईकोर्ट के आदेश पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ शुरू हुई आपराधिक कार्रवाई पर भी रोक लग चुकी है।