यमुना एक्सप्रेसवे भूमि घोटाले के मामले में याचियों को राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने याचियों की प्राथमिकी रद्द करने की मांग को अस्वीकार करते हुए याचिकाओं को खारिज कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने मामले की सुनवाई मेरठ से गाजियाबाद सीबीआई की विशेष कोर्ट भ्रष्टाचार निरोधक में करने की सीबीआई की अर्जी को स्वीकार कर लिया है और सुनवाई दिन-प्रतिदिन करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को मामले की जांच जल्दी पूरी करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार और न्यायमूर्ति वैज मियां की खंडपीठ ने प्रमोद चंद्र गुप्ता, सोनाली गुप्ता व अन्य, गौरव कुमार की याचिका को खारिज और सीबीआई की ओर से दाखिल स्थानांतरण अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कुल सात बिंदुओं पर अपने आदेश पारित किए हैं। मामले में कुल छह याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई चल रही थी। इनमें से सीबीआई ने मामले की सुनवाई को मेरठ सत्र न्यायालय के विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निरोधक से सीबीआई विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निरोधक गाजियाबाद में स्थानांतरित करने के लिए दाखिल कर रखी थी। उसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।