आरोपी की तहरीर पर लिखा केस, पीड़िता की नहीं सुनी शिकायत
इस मामले में जार्जटाउन पुलिस ने भी जमकर खेल किया। सीएमपी डिग्री कॉलेज में घटना दो फरवरी की है। लेकिन इसके संबंध में दुष्कर्म के आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर मदन यादव की तहरीर पर 10 दिन बाद यानी 12 फरवरी को पीड़िता व उसके दो साथियों पर एफआईआर दर्ज की गई। इस दौरान पीड़िता की ओर से भी तहरीर दी गई लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई। 17 अगस्त को पीड़िता व उसके दो साथियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।
एसपी सिटी को सौंपी गई थी जांच
- गवाह को फर्जी तरीके से जेल भेजे जाने के मामले के खुलासे के बाद इस पूरे प्रकरण की जांच दो अफसरों को सौंपी गई थी।
- गंगापार क्षेत्र के हंडिया व फूलपुर थाने में दर्ज केस की जांच एसपी गंगापार को दी गई थी, जिसमें जांच रिपोर्ट के आधार पर दो इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया।
- शहर क्षेत्र के कर्नलगंज व जार्जटाउन थाने में दर्ज चार मामलों की जांच एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने की।
- सूत्रों का कहना है कि इनमें से कर्नलगंज में दर्ज मामले में आरोपी मदन यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
- जार्जटाउन में मदन के खिलाफ पीड़िता की ओर से दर्ज कराए गए दो मुकदमे विवेचनाधीन हैं।
- जबकि मदन यादव की ओर से पीड़िता पर दर्ज कराए गए मामले में जार्जटाउन पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी।
- जांच में इसी मामले की विवेचना त्रुटिपूर्ण पाई गई और इसी वजह से तीन अन्य पुलिसकर्मी निलंबित किए गए।