प्रकरण प्रकाश में आने के बाद तहसीलदार को निलंबित कर दिया गया। मामले की विस्तृत जांच लखनऊ के मंडलायुक्त को सौंपी गई है। दूसरी ओर महिला अफसर का कलम बंद बयान दर्ज होने के बाद सीजेएम कोर्ट ने नायब तहसीलदार की गिरफ्तारी के लिए गैरजमानती वारंट भी जारी किया है।
बस्ती जिले में तैनात महिला अधिकारी से दुष्कर्म की कोशिश करने के मामले में इनामिया घोषित हो चुके नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ला ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 23 नवंबर को याचिका दाखिल कर एफआईआर को चुनौती दी है। मामले की सुनवाई अगले हफ्ते होगी। हालांकि, मुख्यमंत्री द्वारा मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद से पुलिस नायब तहसीलदार की गिरफ्तारी के लिए बस्ती से लेकर दिल्ली तक की खाक छान मार रही है।
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प्रकरण प्रकाश में आने के बाद तहसीलदार को निलंबित कर दिया गया। मामले की विस्तृत जांच लखनऊ के मंडलायुक्त को सौंपी गई है। दूसरी ओर महिला अफसर का कलम बंद बयान दर्ज होने के बाद सीजेएम कोर्ट ने नायब तहसीलदार की गिरफ्तारी के लिए गैरजमानती वारंट भी जारी किया है। पुलिस ने तहसीलदार पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया है।
यह है मामला
घटना दिवाली की रात की बताई जा रही है। आरोप है कि तहसीलदार जबरन महिला अधिकारी के घर में घुस गया और दुष्कर्म की कोशिश की। 17 नवंबर को एफआईआर दर्ज होने के बाद तीन महिला अधिकारियों ने जांच शुरू की।