फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नरेंद्र गिरि सुसाइड नोट: किसी लड़की के साथ मेरा आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने जा रहा था आनंद गिरि...पढ़ें पूरी चिट्ठी

Tue, 21 Sep 2021 08:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट सामने आने के बाद शिष्य आनंद गिरि की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महंत ने अपना उत्तराधिकारी बलवीर गिरि को बनाया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि मठ, मंदिर और विद्यार्थियों की देखभाल वैसे ही करना जैसे मैं कर रहा था। 
विज्ञापन
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की ओर से लिखा गया सुसाइड नोट। - फोटो : प्रयागराज
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महंत नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट सामने आ गया है। उन्होंने अपनी हत्या के लिए सीधे तौर पर अपने शिष्य आनंद गिरि और पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उनके पुत्र संदीप तिवारी को जिम्मेदार ठहराया है। नरेंद्र गिरि ने लिखा है- आनंद गिरि की वजह से आत्महत्या करने जा रहा हूं। वह किसी महिला या लड़की के साथ गलत काम करते हुए मेरी वीडियो वायरल करने वाला है। बलवीर गिरि को अपना उत्तराधिकारी बनाया है। 
विज्ञापन

मैं महंत नरेंद्र गिरि मठ बाघंबरी गद्दी बड़े हनुमान मंदिर (लेटे हनुमानजी) वर्तमान में अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अपने होशो हवास में बगैर किसी दबाव में यह पत्र लिख रहा हूं। जब से आनंद गिरि ने मेरे ऊपर असत्य, मिथ्या, मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं. तब से मैं मानसिक दबाव में जी रहा हूं। जब भी मैं एकांत में रहता हूं, मर जाने की इच्छा होती है। आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और उनके लड़के संदीप तिवारी ने मिलकर मेरे साथ विश्वासघात किया है।

सोशल मीडिया, फेसबुक एवं समाचार पत्रों में आनंद गिरि ने मेरे चरित्र पर मनगढ़ंत आरोप लगाए। मैं मरने जा रहा हूं। सत्य बोलूंगा। मेरा घर से कोई संबंध नहीं है। मैंने एक भी पैसा घर पर नहीं दिया। मैंने एक-एक पैसा मंदिर व मठ में लगाया। 2004 में मैं महंत बना। 2004 से अभी जो मठ एवं मंदिर का विकास किया, सभी भक्त जानते हैं। आनंद गिरि द्वारा जो आरोप लगाए गए उससे मेरी और मठ मंदिर की बदनामी हुई।

मैं बहुत आहत हूं। मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरे मरने की संपूर्ण जिम्मेदारी आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी जो मंदिर में पुजारी हैं और आद्या प्रसाद तिवारी के बेटे संदीप तिवारी की होगी। मैं समाज में हमेशा शान से जिया। आनंद गिरि ने मुझे गलत तरीके से बदनाम किया। 

मुझे जान से मारने का प्रयास किया गया। इससे मैं बहुत दुखी होकर आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरी मौत के जिम्मेदार आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी, संदीप तिवारी पुत्र आद्या प्रसाद तिवारी की होगी। प्रयागराज के सभी पुलिस अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारियों से अनुरोध करता हूं, मेरी आत्महत्या के जिम्मेदार उपरोक्त लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाए जिससे मेरी आत्मा को शांति मिले। 

प्रिय बलवीर गिरि मठ, मंदिर की व्यवस्था का प्रयास करना, जिस तरह से मैंने किया। इसी तरह से करना। नितेश गिरि एवं मणि की सभी महात्मा बलवीर गिरि का सहयोग करना। परमपूज्य महंत हरिगोविंद गिरि एवं सभी से निवेदन है कि मढ़ी का महंत बलवीर गिरि को बनाना। महंत रविंद्र पुरी जी (सजावट मढ़ी) आपने हमेशा साथ दिया। मेरे मरने के बाद बलवीर गिरि का ध्यान दीजिएगा। सभी को ओम नमो नारायण। 

मैं महंत नरेंद्र गिरि वैसे तो 13 सितंबर को ही आत्महत्या करने जा रहा था, लेकिन हिम्मत नहीं कर पाया। आज हरिद्वार से सूचना मिली कि एक दो दिन में आनंद गिरि कंप्यूटर के माध्यम से मोबाइल से किसी लड़की या महिला के साथ मेरी फोटो लगा कर गलत कार्य करते हुए फोटो वायरल कर देगा। मैने सोचा कहां-कहां सफाई दूंगा। एक बार तो बदनाम हो जाऊंगा। मैं जिस पद पर हूं, वह पद गरिमामयी पद है। सच्चाई तो लोगों को बाद में पता चल जाएगी, लेकिन मैं तो बदनाम हो जाऊंगा। इसलिए मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं। इसकी जिम्मेदारी आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी एवं उनके लड़के संदीप तिवारी की होगी। 

मैं महंत नरेंद्र गिरि, आज मेरा मन आनंद गिरि के कारण विचलित हो गया है। हरिद्वार से ऐसी सूचना मिली कि आनंद गिरि कंप्यूटर के माध्यम से एक लड़की के साथ मेरी फोटो जोड़कर गलत काम करते हुए बदनाम करेगा। आनंद गिरि का कहना है महाराज कहां तक सफाई देते रहेंगे। मैं जिस सम्मान के साथ जी रहा हूं अगर मेरी बदनामी हो गई तो मैं समाज में कैसे रहूंगा। इससे अच्छा मर जाना है।

आज मैं आत्महत्या कर रहा हूं, जिसकी पूरी जम्मेदारी आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी जो पहले पुजारी थे, उनको मैने निकाल दिया और संदीप तिवारी पुत्र आद्या प्रसाद तिवारी की होगी। वैसे मैं पहले ही आत्महत्या करने जा रहा था लेकिन हिम्मत नहीं कर पा रहा था। एक आडियो आनंद गिरि ने जारी किया था, जिसमें मेरी बदनामी हुई। आज मैं हिम्मत हार गया और आत्महत्या कर रहा हूं। 25 लाख रुपया आदित्य मिश्रा से एवं 25 लाख रुपया शैलेश सिंह सेंगर रियल स्टेट से मांगता हूं।

यहां क्लिक कर पढ़ें पूरा सुसाइड नोट

विज्ञापन

बलवीर गिरि मेरी समाधि पार्क में नीम के पेड़ के पास दिया जाए। यही मेरी अंतिम इच्छा है। धनंजय विद्यार्थी मेरे कमरे की चाभी बलवीर महाराज को देना। बलवीर गिरि एवं पंच परमेश्वर निवेदन कर रहा हूं मेरी समाधि पार्क में नीम के पेड़ के पास लगा देना। प्रिय बलवीर गिरि ओम नमो नारायण। मैंने तुम्हारे नाम एक रजिस्टर्ड वसीयत की है। जिसमें मेरे ब्रह्मलीन (मरने के बाद) हो जाने के बाद तुम बड़े हनुमान मंदिर एवं मठ बाघंबरी गद्दी का महंत बनोगे।

तुमसे मेरा एक अनुरोध है कि मेरी सेवा में लगे विद्यार्थी जैसे मिथिलेश पांडेय, रामकृष्ण पांडेय, मनीष शुक्ला, शिवेश कुमार मिश्रा, अभिषेक कुमार मिश्र, उज्ज्वल द्विवेदी, प्रज्ज्वल द्विवेदी, अभय द्विवेदी, निर्भय द्विवेदी, सुमित तिवारी का ध्यान देना। जिस तरह मेरे समय में रह रहे हैं, उसी तरह तुम्हारे समय में रहेंगे। इन सभी का ध्यान देना। उपरोक्त सभी जिनका मैने नाम लिखा है तुम लोग भी हमेशा बलवीर गिरि महाराज का सम्मान करना। जिस तरह से हमेशा मेरी सेवा एवं मठ की सेवा की, उसी तरह से बलवीर गिरि महाराज एवं मठ मंदिर की सेवा करना।

वैसे हमें सभी विद्यार्थी प्रिय हैं, लेकिन मनीष शुक्ला, शिवम मिश्रा, अभिषेक मिश्रा मेरे अति प्रिय हैं। कोरोना काल में जब मुझे कोरोना हुआ तब मेरी सेवा सुमित तिवारी ने की। मंदिर में मालाफूल की दुकान मैंने सुमित तिवारी को किरायानामा रजिस्टर किया है। मिथिलेश पांडेय को बड़े हनुमान रुद्राक्ष इंपोरियम की दुकान किराये पर दी है। मनीष शुक्ला, शिवेश मिश्रा, अभिषेक को लड्डू की दुकान किराये पर दी है। 

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें