Prayagraj : नरेंद्र गिरि (फाइल फोटो)।
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच सीबीआई ने शनिवार को अपने हाथ में ले ली। दोपहर बाद सीबीआई के एएसपी केएस नेगी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने एसआईटी प्रमुख सीओ चतुर्थ प्रयागराज अजीत सिंह चौहौन से केस टेकओवर किया। एसआईटी ने एफआईआर की कॉपी, सीसीटीवी फुटेज, डीवीआर, केस डायरी, आरोपियों के मोबाइल, लैपटॉप सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, सेवादारों और शिष्यों से पूछताछ और बयान की रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित सुसाइड नोट की कॉपी, रस्सी और कमरे से बरामद किए गए अन्य सामानों को सीबीआई को सौंप दिया।
सीबीआई के आईजी भी आ सकते हैं प्रयागराज
सीबीआई की टीम सारे सबूत अपने हाथ में लेने के बाद अपने स्तर से मामले की छानबीन करेगी और आगे की कार्रवाई करेगी। बाघंबरी गद्दी मठ में शनिवार को काफी गहमा गहमी का माहौल रहा। पूरा मठ पुलिस छावनी में तब्दील रहा। सीबीआई के आईजी विप्लव चौधरी भी प्रयागराज पहुंच सकते हैं। शनिवारो उनके आने की संभावन है। पूरी जांच उन्हीं की देखरेख में चल रही है। चौधरी प्रयागराज पहुंचने के बाद मठ में भी जा सकते हैं।
जांच पड़ताल शुरू कर दी है। एसआईटी और पुलिस की जांच के दौरान सामने आए नामों के अलावा सीबीआई अपने स्तर से भी कई और लोगों से पूछताछ कर सकती है, जिनका इस मामले से सीधा या किसी दूसरे के माध्यम से तनिक भी संबंध है। शुक्रवार की देर रात सीबीआई के अधिकारी प्रयागराज पहुंच गए थे। शनिवार को दोपहर सीबीआई के अधिकारियों के पहुंचने की संभावना है। सीबीआई फिलहाल नरेंद्र गिरि के शिष्य अमर गिरि की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर ही जांच को आगे बढ़ा रही है।
एसआईटी ने की अब तक तीन गिरफ्तारियां, रिपोर्ट तैयार
नरेंद्र गिरि की मौत की जांच कर रही एसआईटी ने अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्फ्तारी उन्हें जेल भेज दिया। टीम ने नरेंद्र गिरि के मोबाइल के साथ ही आनंद का मोबाइल और लैपटाप जब्त कर लिया है। आद्या और संदीप के मोबाइल भी भी एसआईटी के पास है। उन सबके काल डीटेल्स निकाले जा चुके हैं। एसआईटी अब तक की जांच और बरामदगी की रिपोर्ट बना चुकी है।
रिपोर्ट शुक्रवार को पुलिस को सौंपी जाएगी। नरेंद्र गिरी की मौत के बाद उनके शिष्य अमर गिरि ने 21 सितंबर को इस मामले में जार्जटाउन थाने में आनंद गिरि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। आनंद के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इससे पहले ही नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट अधिकारियों के पास पहुंच गया था। सुसाइड नोट में साफ तौर पर आनंद के साथ आद्या तिवारी और उसके बेटे संदीप तिवारी का भी नाम लिखा था।
तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
जांच के बाद एसआईटी ने अगले ही दिन आद्या तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। आनंद और आद्या को जेल भेज दिया गया था। संदीप को भी दूसरे दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। एसआईटी ने इन सभी लोगों के साथ ही नरेंद्र गिरि के मोबाइल काल डीटेल्स की जांच कर तमाम संदिग्ध नंबरों का पता किया जिससे बाद में पूछताछ की जानी थी। इतना ही नहीं आनंद के लैपटाप और मोबाइल की भी फोरेंसिक जांच कराके डीटेल्स निकलवाई गई है।
आद्या और संदीप के मोबाइल से भी तमाम वीडियो और आडियो क्लिप भी मिले हैं जिससे इस केस के खुलासे में काफी मदद मिलेगी। एसआईटी अध्यक्ष डिप्टी एसपी अजीत सिंह चौहान ने बताया कि एसआईटी ने अब अपनी जांच की पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली है। शनिवार को टीम को पूरी रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
सीबीआई इन लोगों से कर सकती है पूछताछ
शीर्ष जांच एजेंसी सीबीआई महंत की मौत के मामले में उनके शिष्य रहे योग गुरु आनंद गिरि, लेटे हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी रहे आद्या प्रसाद तिवारी, आद्या के पुत्र संदीप तिवारी, घटना के बाद दरवाजा खोलकर शव को नीचे उतारने वाले शिष्य सुमित तिवारी, सर्वेश तिवारी और धनंजय, महंत की सुरक्षा में तैनात रहे सिपाही अजय सिंह, विवाद के बाद आनंद गिरि से समझौता कराने वाले एडिशनल एसपी ओम प्रकाश पांडेय, भाजपा नेता सुशील मिश्रा, सपा सरकार में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त रहे इंदू प्रकाश मिश्रा, सुसाइड नोट में उत्तराधिकारी बनाए गए महंत बलवीर गिरि और घटना होने के बाद सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाले आईजी केपी सिंह से भी पूछताछ हो सकती है। कुछ महीने पहले गुरु से विवाद के बाद आनंद गिरि ने केपी सिंह का नाम लेकर उनसे जान का खतरा बताया था और गुरु से संबंध को लेकर कई सवाल उठाए थे।