दुस्साहसिक वारदात से दहल गए थे लोग
सोमवार को टिंबर व्यवसायी की बहू अंशिका केशरवानी (26) की खुदकुशी के बाद दुस्साहसिक वारदात हुई थी। टिंबर व्यवसायी व उनकी पत्नी बेटी समेत चार लोगों को घर के भीतर बंद कर आग लगा दी गई थी। रात 11 बजे के करीब हुई इस घटना में देर रात तक राहत कार्य चलता रहा। आग बुझाने के बाद भोर में तीन बजे के करीब पुलिसकर्मियों को तलाशी के दौरान घर के भीतर व्यवसायी पत्नी समेत झुलसे मृत पड़े मिले।
दोनों के शव तीसरे तल पर बने कमरे में मिले। उधर इस घटना के वक्त घर के भीतर बेटी शिवानी व भयाहु लवली भी थीं, जो बगल में रहने वाले चाचा के मकान में पहुंचीं और फिर किसी तरह बाहर निकलीं। दोनों झुलसी भी थीं, जिनमें से शिवानी का प्राथमिक उपचार कराया गया। वहीं, लवली को एसआरएन अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।
बहू के पिता-पुत्र समेत 12 हिरासत में
शिवानी की तहरीर पर उसकी भाभी के मायके पक्ष के 10 लोगों को नामजद करने के अलावा 72 अज्ञात पर भी केस दर्ज कर लिया गया। आरोप है कि खुदकुशी की जानकारी मिलने पर भाभी के पिता-भाई व अन्य हमलावर आए और सभी को पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्हें घर के भीतर बंद कर आग लगा दी। इसमें उसके माता-पिता की मौत हो गई। एसीपी अतरसुइया पुष्कर वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा कायम किया गया है। आरोपी पिता-पुत्र समेत 12 लोग हिरासत में हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है।
बहू की खुदकुशी में भी केस, 10 नामजद
इससे पहले टिंबर व्यवसायी की बहू की खुदकुशी के मामले में भी केस दर्ज किया गया। पिता सरदारी लाल की तहरीर पर ससुराल पक्ष के 10 लोगों पर दहेज हत्या समेत अन्य आरोपों में एफआईआर लिखी गई। तहरीर में आरोप लगाया गया कि 20 लाख रुपये और बड़े मकान की मांग पूरी न होने पर घर की दूसरी मंजिल पर उनकी बेटी को फांसी लगाकर मार दिया गया।