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बुआ बनी कातिल : घटना के बाद आरोपी महिला फरार, पिता दस दिन पहले ही कमाने गया था मुंबई

Wed, 20 Mar 2024 02:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

दो भतीजों की हत्या करने वाली बुआ घटना के बाद से ही फरार चल रही है। गांव में दो सिपाही पहुंचे थे और परिवार के लोगों से पूछताछ की औपचारिकता पूरी करके लौट गए। ग्रामीणों की माने को घटना के दूसरे दिन पुलिस गांव में पहुंची। 
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घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेजा थाना क्षेत्र के हरगढ़ गांव में अपने भाई संजय के दो मासूम बेटों लकी (5) और अभि (3) की हत्या करने वाली कातिल बुआ पूजा (35) घटना के बाद ही लापता चल रही है। परिजनों के मुताबिक करीब 10 साल से उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं चल रहा है। उसकी शादी भी कई साल पहले की गई थी, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति को देखने के बाद विवाह को खत्म कर दिया गया। इसके बाद से ही पूजा मायके में ही रह गई है। 

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परिजनों को मुताबिक पूजा हमेशा ऊल जुलूल हरकतें करती रहती है। डांटने फटकारने के बाद वह वह शांत हो जाती है। मंगलवार को उसके सिर पर खून सवार था। भाभी के द्वारा डांटने पर वह आग बबूला हो गई। किसी मामूली बात को लेकर भाभी ने उसको डांट दिया। इसके बाद वह वहां से चली गई। कुछ ही देर वह लौट कर आई और खेल रहे दोनों भतीजों को लकड़ी के पटरे से पीटना शुरू कर दिया। मासूम बच्चों के सिर पर लकड़ी से जोरदार प्रहार करने पर दोनों पर चिल्लाते हुए जमीन पर गिर पड़े।

बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर घर में काम कर रही मां पार्वती पत्नी संजय पहुंची तो बच्चों को खून से लथपथ देखकर सन्न रह गई। ग्रामीण दोनों बच्चों को लेकर पास के अस्पताल पहुंचे। हालत नाजुक होने पर दोनों को एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण दोनों की सांसें देर रात थम  गईं।

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बच्चों की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद से ही फरार है बुआ

दो भतीजों को मौत के घाट उतारने वाली बुआ पूजा घटना के बाद से ही फरार चल रही है। उसका कहीं पता नहीं चल रहा है। शव लेकर गांव पहुंचे परिजन तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों की मानें तो वह पुलिस की कार्रवाई नहीं चाहते हैं। गांव वालों की माने तो घटना मंगलवार को शाम पांच बजे हुई। सूचना के बावजूद पुलिस दूसरे दिन बुधवार को करीब 12 बजे मौके पर पहुंची और औपचारिकता पूरी करते हुए लौट गई। गांव में दो सिपाही ही गए थे। अधिकारियों की तो बात दूर चौकी इंचार्ज और इंस्पेक्टर भी गांव में नहीं गए।
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मौके पर नहीं थी बेटी

संजय को तीन बच्चे हैं। बेटी बड़ी है। जबकि दोनों बेटे लकी और अभी छोटे थे। जिस समय घटना हुई उस समय बेटी मौके पर मौजूद नहीं थी। संजय 10 दिन पहले ही मुंबई  गया था। दुखद सूचना मिलने के बाद वह उल्टे पांव लौट रहा है। माना जा रहा है कि उसके आने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि परिजन थाने में घटना की तहरीर देंगे या नहीं। 

डीसीपी ने कहा होगी कार्रवाई

डीसीपी यमुनानगर श्रद्धा नरेंद्र पांडेय का कहना है कि घटना के बाद से ही बुआ फरार चल रही है।  वह मानसिक रूप से बीमार बताई जा रही है। पुलिस उसकी खोजबीन कर रही है। मामले में मुकदमा पंजीकृत करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। गांव में पुलिस बल तैनात किया गया। 
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