स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने शुक्रवार को बसपा के पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार गौतम का उन्मोचित (डिस्चार्ज) प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। स्पेशल कोर्ट ने आरोप तय किए जाने के लिए 12 नवंबर की तारीख तय की है। अभियुक्त को नियत तिथि पर व्यक्तिगत उपस्थित रहने का आदेश दिया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने एडीजीसी राजेश गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुन कर दिया है।
प्रकरण गाजीपुर जिले के करंडा थाने का है। थाना प्रभारी शरद चंद्र त्रिपाठी ने पूर्व विधायक राजकुमार व उनके दो सौ अज्ञात साथियों के विरुद्ध एक जनवरी 2015 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना स्थल मैनपुर में रात को पूर्व विधायक राजकुमार अपने 200 समर्थकों के साथ जाकर पुलिस पर हमला एवं सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न किया था।
अदालत ने पूर्व विधायक की आरोप से डिस्चार्ज किए जाने की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि आरोपित और उसके समर्थकों द्वारा लाठी-डंडों से पुलिसकर्मियों पर हमला एवं गाली गलौज किया गया। मतगणना कार्य में बाधा डाला गया। आरोपित के विरुद्ध लगाए गए आरोप निराधार नहीं है।