नमभूमि में पाए जाते हैं एरोबिक और एक्सो इलेक्ट्रोजेन सूक्ष्म जीव
नमभूमि में सूक्ष्मजीव एक्सो-इलेक्ट्रोजेन ऐसी जगह पनपते हैं जहां ऑक्सीजन नहीं पाई जाती है। सतह पर ऑक्सीजन की प्रचुरता के कारण एरोबिक सूक्ष्मजीवों अधिक होते हैं। दोनों पारिस्थितिकी तंत्र एक रेडॉक्स ग्रेडिएंट उत्पन्न करते हैं। इनका उपयोग इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह को नियंत्रित करने में किया जाता है। जिससे बिजली का प्रवाह होता है। यह एक माइक्रोबियल ईंधन सेल की तरह कार्य करता है।
बिजली को ऐसे प्राप्त कर सकते हैं
ऐसे पारिस्थितिक तंत्र से बिजली बनाने के लिए चालक पदार्थ को बिना ऑक्सीजन वाले क्षेत्र में स्थापित किया जाता है, जो एनोड के रूप में कार्य करता है। जबकि ऑक्सीजन वाले क्षेत्र में चालक पदार्थ कैथोड के रूप में कार्य करता है। एनोड और कैथोड एक बाहरी सर्किट (धातु के तारों) के माध्यम से जुड़े होते हैं। इन दो इलेक्ट्रोड के बीच उत्पन्न विभवांतर के कारण सर्किट में विद्युत धारा प्रवाहित होती है। इस हरित ऊर्जा को कैपेसिटिव सिस्टम में संग्रहीत करके उपयोग में लिया जा सकता है।
नमभूमि पारिस्थितिकी तंत्र हरित ऊर्जा के स्रोत के रूप में स्थापित हो सकते हैं। प्रयोगशाला में सफलतापूर्वक बिजली का उत्पादन किया गया है। भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर भी किया जा सकता है। प्राकृतिक रूप से उपलब्ध नमभूमि के अलावा कंस्ट्रक्टेड वेटलैंड में भी यह प्रक्रिया की जा सकती है। - डॉ. राधा रानी, एसोसिएट प्रोफेसर जैव-प्रौद्योगिकी विभाग, एमएनएनआईटी