जिला कुष्ठ रोग विभाग में करीब दस वर्ष की नौकरी के दौरान बैंक खाते से वेतन का एक भी रुपया न निकालने वाले धीरज ने बीते शनिवार आखिरी सांस ली। सफाईकर्मी धीरज पिछले कुछ समय से टीबी से पीड़ित था। उसके खाते में 70 लाख रुपये से अधिक पड़े हैं। उसकी मौत के बाद घर में 80 साल की बूढ़ी मां ही बची हैं। जिनका रो-रो का बुरा हाल है।
धीरज का नाम उस समय चर्चा में आया था, जब बैंक कर्मियों ने उसके आफिस पहुंचकर सैलरी खाते से कुछ पैसा निकालने की गुजारिश की थी। तब पता चला था कि बेहद साधारण से दिखने वाले धीरज के वेतन खाते में 70 लाख रुपये से अधिक धनराशि जमा हैं। यह भी जानकारी मिली कि धीरज बैंक खाते से वेतन निकालता ही नहीं। इसके बाद से ही अस्पताल के लोग उसे करोड़पति स्वीपर बुलाने लगे थे। दूसरी तरफ धीरज लोगों से पैसे मांग कर ही अपना खर्च चलाता रहा।