पोकलैंड मशीन के माध्यम से जल का प्रवाह संगम नोज की ओर करने का कार्य मेला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। ताकि अमावस्या पर संगम नोज पर बनाए गए घाट पर स्नान के लिए लोगों को भरपूर जल मिल सके।
माघ मेले के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या को लेकर मेला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। संगम पर पानी का प्रवाह बेहतर रहे इसके लिए पोकलैंड मशीन लगाई गई है। दरअसल माघ संगम नोज के झूंसी साइड में गंगा का प्रवाह तेज है, जबकि दूसरी साइड जहां श्रद्धालुओं के लिए स्नान घाट बनाया गया है वहां डुबकी लगाने के लिए भी पानी कम है। इसी को देखते हुए पोकलैंड मशीन के माध्यम से वहां पानी का प्रवाह संगम नोज की ओर करने का कार्य मेला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। ताकि अमावस्या पर संगम नोज पर बनाए गए घाट पर स्नान के लिए लोगों को भरपूर जल मिल सके।
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बताया जा रहा है कि एक दो दिन में संगम नोज पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं को भरपूर जल उपलब्ध हो जाएगा। इस बीच गंगा पर बनाए गए अन्य घाटों पर भी महिलाओं के लिए अतिरिक्त चेजिंग रूम बनाए जाने का कार्य शुरू हो गया है। वहीं दूसरी ओर बताया जा रहा है कि बसंत पंचमी के पूर्व सतुआ बाबा के शिविर में बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र शास्त्री का आगमन हो सकता है। इस बार सतुआ बाबा के शिविर में कई अन्य नामी संतों के भी आने की चर्चा है।