महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के इलाहाबाद एवं कोलकाता क्षेत्रीय केंद्रों में संचालित सभी पाठ्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है। इन केंद्रों को अब हिंदी के शोध एवं प्रचार के विशेष केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। हालांकि, स्थगित किए गए पाठ्यक्रमों के स्थान पर परास्नातक के नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। यह निर्णय विश्वविद्यालय की एकेडमिक कौंसिल की बैठक में लिया गया।
स्थगित किए गए पाठ्यक्रमों में पिछले सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को उनका पाठ्यक्रम जुलाई 2019 के सत्र में पूरा करने की अनुमति दी गई है। इलाहाबाद क्षेत्रीय केंद्र के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. प्रकाश त्रिपाठी के अनुसार वर्धा विश्वविद्यालय के इलाहाबाद क्षेत्रीय केंद्र में स्त्री अध्ययन, अनप्रयुक्त भाषा विज्ञान एवं अनुवाद में डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित थे। इन्हें स्थगित कर दिया गया है। इन तीनों विषयों में नए सत्र से प्रवेश नहीं लिए जाएंगे। इसके अलावा समाज कार्य में स्नातक (बीएसडब्ल्यू) पाठ्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया है। यह तीन वर्ष का पाठ्यक्रम है। जो अभ्यर्थी अध्ययनरत हैं, उन्हें पाठ्यक्रम पूरा करने की अनुमति दी गई है। इस कोर्स में नए सत्र में प्रवेश नहीं लिए जाएंगे।
वहीं, तीन परास्नातक स्तर पर तीन नए पाठ्यक्रम शुरू होने जा रहे हैं। इनमें स्त्री अध्ययन में एमए, परफॉर्मिंग आर्ट (नाटक एवं फिल्म) में एमए और राजनीति विज्ञान में एमए पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा समाज कार्य में एमए और परफॉर्मिंग आर्ट (नाटक एवं फिल्म) में एमफिल का पाठ्यक्रम पहले से संचालित है। नए पाठ्यक्रमों में सत्र 2019-20 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। तीन-चार दिनों के भी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रवेश की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी सरोजनी नायडू मार्ग स्थित इलाहाबाद क्षेत्रीय कार्यालय से फॉर्म भी प्राप्त कर सकेंगे।
इस वर्ष वर्धा विवि को मिल जाएगा अपना भवन
सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. प्रकाश त्रिपाठी के अनुसार के अनुसार क्षेत्रीय कार्यालय किराये के भवन में संचालित किया जा रहा है और वहां जगह बहुत कम है। इसी वजह से कई पाठ्यक्रमों का संचालन स्थगित किया गया है। क्षेत्रीय कार्यालय का नया भवन झूंसी की आवास विकास की योजना-दो में निर्माणाधीन है। यह भवन इस वर्ष सितंबर-अक्तूबर में मिल जाएगा। वहां जगह अधिक है। नए भवन में शिफ्ट होने के बाद एलएलबी, बीएड जैसे पाठ्यक्रमों को शुरू किए जाने की योजना है।