गुजरात के सांसद नारणभाई काछड़िया के फर्जी पैड और हस्ताक्षर से प्रयागराज में रही मंडी सचिव रेनू वर्मा की भी शिकायत की गई है। सांसद का पत्र सामने आने के बाद जब इसकी जांच की गई तो मालूम पड़ा कि वह पूर्व में भेजे गए एक अन्य पत्र की तरह फर्जी ही है। खुद सांसद ने भी मंगलवार दस अगस्त को इस बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि मंडी सचिव प्रयागराज रेनू वर्मा के भ्रष्टाचार के संबंध में मेरे नाम से प्रयोग किए गए हस्ताक्षर युक्त लैटर पैड पूरी तरह से फर्जी है। इस मामले में सीएम जांच करवाकर दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें।
दरअसल पिछले दिनों इसी तरह का एक अन्य फर्जी पत्र के माध्यम से जिला कार्यकम अधिकारी कार्यालय में तैनात कर्मचारी राजेंद्र त्रिपाठी की भी शिकायत की गई थी। इसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। मामले ने जब तूल पकड़ा तो मालूम पड़ा कि यह पत्र फर्जी है। तब सांसद ने भी सीएम योगी से ऐसा पत्र लिखने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नौ जुलाई 21 को कार्रवाई करने की मांग की थी। उसी कड़ी में प्रयागराज में तैनात रही मंडी सचिव रेनू वर्मा के खिलाफ भी एक फर्जी पत्र जारी हुआ।
वर्तमान में अयोध्या में कार्यरत मंडी सचिव ने इसकी पुष्टि सांसद से की तो मालूम पड़ा कि उन्होंने ऐसा कोई पत्र ही नहीं भेजा है। रेनू वर्मा ने इस मामले में अब अपने स्तर से भी एफआईआर करवाने की तैयारी की है। उन्होंने कहाो कि प्रथम दृष्टया जानबूझ कर अधिकारियों को टार्गेट करने का ही मामला प्रतीत हो रहा है। संभव है कि कोई व्यक्ति सांसद के फर्जी लेटर पैड का प्रयोग कर रहा है।