संतों ने कई दिक्कतों को गिनाया। उनका कहना था कि रेलवेे लाइन के किनारे से तीन गाटा भूमि दी जानी चाहिए। इसके अलावा भूमि को समतल बनाने के साथ ही गड्ढामुक्त किया जाना चाहिए, ताकि शिविर लगाने में संतों को किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। भूमि आवंटन में जगद्गुरु वैंकटेशाचार्य, विष्णु प्रपन्नाचार्य, स्वामी श्रीनिवासाचार्य, स्वामी परांकुशाचार्य, स्वामी सुदर्शनाचार्य, स्वामी राम प्रपन्नाचार्य, स्वामी श्रीधराचार्य, महंत कुलशेखराचार्य,स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य समेत कई संत शामिल थे।
बसने लगे हैं संतों के शिविर
संगम की रेती पर भूमि आवंटन के बाद संतों के शिविर बसने लगे हैं। खाक चौक में महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा के अलावा मोरपंखी वाले बाबा और राममंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के शिविर के लिए टिन घेरा तैयार कर लिया गया। उधर, दंडीवाड़ा में भी कई संतों के अन्नक्षेत्र और शिविर लगने आरंभ हो गए हैं। जबकि, बिजली-पेयजल की सुविधाएं अभी पूरी तरह से नहीं पहुंच पाई हैं।