जीत का प्रमाण पत्र जारी करने में भी होती रही हीलाहवाली
केपी ट्रस्ट के चुनाव का परिणाम आने के बाद मंगलवार की देर शाम सर्टिफिकेट जारी करने में हीला हवाली की जाने लगी। कहा जाने लगा कि सर्टिफिकेट बुधवार को जारी किया जाएगा। इसलिए कि कोई ऑपरेटर उपलब्ध नहीं है। इस पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. सुशील और उनके समर्थकों का कहना था कि कोई बात नहीं है, सर्टिफिकेट को हाथ से ही लिखकर जारी कर दिया जाएगा। दबाव बढ़ने के चुनाव अधिकारी ने हाथ से ही जीत का प्रमाण पत्र लिखवाकर जारी किया।
नतीजा आते ही समर्थकों ने सुशील को फूलमाला से लादा, कंधे पर लेकर थिरके
केपी ट्रस्ट का अध्यक्ष निर्वाचित होने के एलान के बाद डॉ. सुशील सिन्हा को समर्थकों ने फूलमाला से लाद दिया। नए अध्यक्ष को लोग कंधे पर बैठाकर बैंडबाजा के साथ नाचने-थिरकने लगे। बाजेगाजे के साथ जश्न मनाया जाने लगा।
एक दशक के बाद हुआ सत्ता परिवर्तन
एक दशक के बाद केपी ट्रस्ट की सत्ता में परिवर्तन हुआ। इससे पहले वर्ष 2009 से 2013 तक टीपी सिंह केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष रहे। इनके बाद राघवेंद्र नाथ सिंह के हाथ में सत्ता आई। मौजूदा समय राघवेंद्र नाथ के ही भाई जितेंद्र नाथ सिंह केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष का चुनाव पांच वर्ष के लिए होता है। डॉ. सुशील सिन्हा को 4668 और राघवेंद्र नाथ सिंह को 4650 मत मिले।
कार्यकारिणी सदस्यों के 20 पदों पर वोटों की गिनती आज
कार्यकारिणी सदस्यों के 20 पदों पर बुधवार को मतगणना होगी। सुबह आठ बजे से केपी इंटर कॉलेज परिसर में कार्यकारिणी सदस्य के पदों पर वोटों की गिनती आरंभ होगी। शाम तक परिणाम घोषित किए जाएंगे।