सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष केके श्रीवास्तव बताते हैं कि उस दौरान प्रचार रिक्शे आदि पर लाउडस्पीकर बांध कर होता था। लोकदल प्रत्याशी महबूब अहमद ने पांचों विधानसभा में दो-दो रिक्शे एवं दो-तीन जीप पर लाउडस्पीकर बंधवा कर प्रचार शुरू किया। महबूब आलम के प्रचार वाहन पर 1966 में रिलीज हुई फिल्म सूरज का चर्चित गीत ‘बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है’ ही बजता था।
उस चुनाव में चौधरी चरण सिंह की तब करछना बाजार में सभा थी। सभा में चरण सिंह को सुनने के लिए भीड़ थी। महबूब अहमद पूर्व पीएम को लेकर सभा में पहुंचे। महबूब अहमद को देखते ही गाना बजने लगा बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है। यह गाना सुनते ही चौधरी चरण सिंह भड़क गए। मेरी सभा में फिल्मी गाने क्यों बज रहे हैं।
संचालक ने समझाया कि प्रत्याशी का नाम महबूब अहमद है। इसी वजह से इस गाने को बजाया जा रहा है। इसके बाद ही चौधरी चरण सिंह संतुष्ट हुए। उन्होंने चुनावी सभा को तकरीबन एक घंटे संबोधित किया। हालांकि, यह चुनाव महबूब अहमद हार गए और कांग्रेस प्रत्याशी केपी तिवारी विजयी हुए। चुनाव में महबूब अहमद दूसरे और डॉ.जोशी को तीसरे स्थान पर रहे।