वकीलों ने डाक्टरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की और उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। बाद में पुलिस ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
कचहरी में वकीलों की सेवा करने वाले सुभाष यादव उर्फ बांके की मौत पर वकीलों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने शव रखकर जाम भी लगा दिया। उनका आरोप था कि बेली हास्पिटल के डाक्टरों ने सुभाष का इलाज नहीं किया जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले को शांत किया।
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कुंडा प्रतापगढ़ का रहने वाला सुभाष यादव उर्फ बांके कचहरी में अपने साथी अमित कुमार के साथ रहता था। दोनों वकीलों को चाय और पानी लाकर देते थे। इसके बदले उन्हें थोड़ा बहुत पैसा मिल जाता था। जिसमें वे अपना गुजारा करते थे। सुभाष की तबियत पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही थी। बुधवार दिन में वह डिवाइर पर लेटा था। शाम को वकीलों ने देखा कि उसकी मौत हो गई।
उसके साथी अमित ने बताया कि मंगलवार को वह सुभाष को लेकर बेली अस्पताल गया था लेकिन डाक्टरों ने उसके गंदे कपड़े देखकर इलाज नहीं किया। उसे भगा दिया। इतना सुनते ही वकील भड़क गए। उन्होंने सुभाष की लाश को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। तब तक पुलिस पहंच गई थी। वकीलों ने डाक्टरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की और उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। बाद में पुलिस ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।