स्नानार्थियों के लिए अच्छी खबर है। प्रमुख स्नान पर्वों पर इस बार उन्हें स्नान घाटों पर धक्का-मुक्की से निजात मिलेगी। गंगा में कटान और प्रवाह की दिशा कुछ ऐसी हो गई है कि संगम अपनी जगह से 900 मीटर खिसक गया है। ऐसे में पिछले साल की तुलना में इस बार घाट अधिक लंबे होंगे। साथ ही एक अतिरिक्त घाट भी बनाया जा रहा है। मेला प्रशासन ने घाटों का निर्माण शुरू करा दिया है।
मेला क्षेत्र में पिछली बार संगम घाट तकरीबन चार हजार फीट लंबा था। इस बार इसकी लंबाई बढ़ गई है। अबकी प्रमुख स्नान पर्वों पर संगम घाट की लंबाई साढ़े पांच से छह हजार फीट तक होगी। स्नान के लिए श्रद्धालुओं को पर्याप्त जगह मिलेगी। संगम अपनी जगह से 900 मीटर दक्षिण दिशा की ओर से खिसक गया है, इसलिए यमुना पट्टी में भी स्नान घाट बनाने के लिए प्रशासन को काफी जगह मिल गई है। इसके अलावा गंगा पट्टी में भी घाट के लिए पर्याप्त जगह निकल आई है।
खास यह कि इस बार ‘हनुमान घाट’ नाम से नया घाट बनाया जा रहा है। इस घाट का निर्माण महावीर पुल के पास कराया जा रहा है। प्रभारी अधिकारी माघ मेला आशीष कुमार मिश्र ने बताया कि संगम अपनी जगह से खिसका है। ऐसे में संगम घाट पर पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक जगह मिल रही है। यमुना पट्टी भी लंबी हो गई है। नया घाट भी बना रहा है।