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प्रयागराज : कुमार विश्वास ने मंत्री नंदी और महापौर अभिलाषा से की मुलाकात, संगमनगरी से जुड़ीं यादों को किया ताज

Sun, 09 Apr 2023 08:31 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

डॉ. कुमाार विश्वास इन दिनों कौशाम्बी जनपद में आयोजित कौशाम्बी महोत्सव में श्रीराम कथा सुना रहे हैं। प्रवास के तीसरे दिन रविवार को डॉ. कुमार विश्वास ने प्रयागराज की प्रथम नागरिक महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी और कैबिनेट मंत्री नद गोपाल गुप्ता नंदी के आवास पर जाकर उनसे शिष्टाचार मुलाकात की।
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Prayagraj News : कवि कुमार विश्वास ने मंत्री नंदी और महापौर अभिलाषा से की मुलाकात। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सुप्रसिद्ध कवि और अपने-अपने राम कार्यक्रम के द्वारा श्रीराम कथा की महिमा को नया कलेवर प्रदान करने वाले श्रीराम कथा मर्मज्ञ एवं राष्ट्रीय कवि डॉ. कुमार विश्वास ने रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के बहादुरगंज प्रयागराज स्थित आवास पर जाकर भेंट वार्ता की। इस दौरान मंत्री नंदी के साथ ही प्रयागराज की महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी भी माौजूद रहीं, जिन्होंने राष्ट्रीय कवि डॉ. कुमार विश्वास का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

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डॉ. कुमाार विश्वास इन दिनों कौशाम्बी जनपद में आयोजित कौशाम्बी महोत्सव में श्रीराम कथा सुना रहे हैं। प्रवास के तीसरे दिन रविवार को डॉ. कुमार विश्वास ने प्रयागराज की प्रथम नागरिक महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी और कैबिनेट मंत्री नद गोपाल गुप्ता नंदी के आवास पर जाकर उनसे शिष्टाचार मुलाकात की।

इस मुलाकात और भेंट वार्ता के दौरान डॉ. कुमार विश्वास ने धर्म और आध्यात्म की संगम नगरी के वैभव पर विस्तृत चर्चा की। प्रयागराज से जुड़ी अपनी यादें और संस्मरण भी सुनाए। प्रयागराज के मिजाज के साथ ही यहां के खान-पान की भी चर्चा की। इस चर्चा के दौरान उन्होंने 2019 में संपन्न हुए कुंभ मेले को दिव्य कुंभ, भव्य कुंभ बताया। भेंट वार्ता के दौरान डॉ. कुमार विश्वास ने प्रयागराज के मशहूर जायके दही, जलेबी, कचौड़ी और खस्ता दमालू के स्वाद का भी आनंद लिया।

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मंत्री नंदी ने कहा कि डॉ. कुमार विश्वास ने आज की युवा पीढ़ी जो हिन्दी साहित्य और कविता से दूर होती जा रही थी, उसे कवि सम्मेलन और साहित्य से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। यही नहीं विदेशों में भी भारत के साथ ही हिन्दी साहित्य के गौरव को बढ़ाया है। आज विश्व के विभिन्न देशों में हिन्दी कवि सम्मेलनों का आयोजन हिन्दी की मजबूती का साक्षात प्रमाण है।

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