दोपहर बाद 3:45 बजे नायब तहसीलदार जार्जटाउन, कीडगंज और शिवकुटी की पुलिस और एक प्लाटून पीएसी के साथ केपी इंटर कॉलेज पहुंचे। वहां केपी ट्रस्ट के रिटर्निंग अफसर राजेश श्रीवास्तव को बुलाया गया। उनकी मौजूदगी में कॉलेज के कक्ष में रखे गए बैलेट बॉक्स को सील कर कब्जे में ले लिया गया।
चुनाव के सात महीने बाद बृहस्पतिवार को एशिया के सबसे बड़े शैक्षणिक ट्रस्ट कायस्थ पाठशाला के बैलेट बॉक्स सील कर ट्रेजरी के स्ट्रांग रूम में रखवा दिए गए। एसडीएम सदर के निर्देश पर कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच दोपहर बाद नायब तहसीलदार ने पुलिस-पीएसी के साथ केपी इंटर कॉलेज पहुंचकर मतपत्रों से भरे बैलेट बॉक्स को हैंडओवर कर लिया। अब इन मतपत्रों की नए सिरे से गिनती कराई जाएगी।
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दोपहर बाद 3:45 बजे नायब तहसीलदार जार्जटाउन, कीडगंज और शिवकुटी की पुलिस और एक प्लाटून पीएसी के साथ केपी इंटर कॉलेज पहुंचे। वहां केपी ट्रस्ट के रिटर्निंग अफसर राजेश श्रीवास्तव को बुलाया गया। उनकी मौजूदगी में कॉलेज के कक्ष में रखे गए बैलेट बॉक्स को सील कर कब्जे में ले लिया गया। इस दौरान केपी ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष राघवेंद्र नाथ सिंह, जितेंद्र नाथ सिंह, पूर्व महामंत्री एसडी कौटिल्य, केपी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ योगेंद्र सिंह भी मौजूद थे। जबकि, केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा और उनके समर्थक वहां इस कार्रवाई के समय उपस्थित नहीं थे।
इससे पहले 25 दिसंवर 2023 को चुनाव अधिकारी सेवानिवृत्त आईपीएस अफसर पीके सक्सेना की मौजूदगी में मतगणना कराई गई थी। तब सुशील सिन्हा को 18 मतों से विजयी घोषित किया गया था। दूसरे नंबर पर राघवेंद्र नाथ सिंह थे। इस चुनाव में कुल 35 हजार में 9563 लोगों ने डाले थे। इस बीच चुनाव में हार के बाद राघवेंद्र नाथ सिंह ने सहायक रजिस्ट्रार चिट्स एंड सोसाइटी को पत्र लिखकर चुनाव में धांधली का आरोप लगया था।
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तब उनका कहना था कि अध्यक्ष पद के 148 मत कार्याकरिणी सदस्यों के बैलेट में डाल दिए गए थे। जबकि, तमाम आग्रह के बाद बी उन मतपत्रों की गिनती नहीं कराई गई। इस पर सहायक रजिस्ट्रार ने इस मामले को सुनने के लिए एसडीएम सदर को नामित कर दिया था। अब एसडीएम के निर्देश पर केपी ट्रस्ट चुनाव की मतपेटियों को सील कर कोषागार के स्ट्रांग रूम में रखवा दिया गया है। अब इन मतपत्रों को नए सिरे से गिनती कराई जाएगी।
कार्यकारिणी सदस्यों के मतपत्रों में डाले गए 148 मत नही गिने जा सके हैं। बाकी मतों की निगती में भी धांधली की गई है। दोबारा गिनती कराए जाने के बाद हकीकत सामने आ जाएगी। - राघवेंद्र नाथ सिंह, पूर्व अध्यक्ष केपी ट्रस्ट।