अब कोविड के कारण विश्वविद्यालय एवं संघटक महाविद्यालय बंद चल रहे हैं। और अधिक देर न हो, इसके लिए विश्वविद्यालय खुलते ही पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर निर्णय लेने की तैयारी है।
सत्र 2021-22 के तहत संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) के आयोजन को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन महीनों बाद भी कोई निर्णय नहीं ले सका है। ऐसे में विश्वविद्यालय के साथ संघटक महाविद्यालयों में भी पीएचडी में प्रवेश की प्रक्रिया अटकी हुई है।
विज्ञापन
अब कोविड के कारण विश्वविद्यालय एवं संघटक महाविद्यालय बंद चल रहे हैं। और अधिक देर न हो, इसके लिए विश्वविद्यालय खुलते ही पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर निर्णय लेने की तैयारी है।
पिछले सत्र में हिंदी विभाग में पीएचडी प्रवेश को लेकर विवाद हो गया था, जिसकी वजह से विभाग में पिछले सत्र की प्रवेश प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है। ऐसे में पीएचडी की रिक्त सीटों की गणना अभी नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
इसी वजह से मौजूदा सत्र सभी विषयों में संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया अटकी हुई है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रवेश प्रकोष्ठ ने सत्र 2021-22 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय के लीगल सेल से सलाह मांगी थी, लेकिन वहां से भी अभी कोई जवाब नहीं मिला है।
वहीं, कोरोना के कारण इलाहाबाद विश्वविद्यालय 10 जनवरी से लगातार बंद चल रहा है। विश्वविद्यालय 30 जनवरी तक बंद रहेगा। ऐसे में मौजूदा सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने को लेकर फरवरी में ही कोई निर्णय होने की उम्मीद है। प्रवेश प्रक्रिया में इतनी देर हो चुकी है विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए सत्र को पटरी पर लाना बड़ी चुनौती होगी।
इविवि प्रवेश प्रकोष्ठ निदेशक प्रो. आईआर सिद्दीकी का कहना है कि विश्वविद्यालय खुलते ही सभी विभागों से रिक्त सीटों का विवरण मांग लिया जाएगा और उपलब्ध सीटों के आधार पर क्रेट के आयोजन पर निर्णय ले लिया जाएगा।