अमिताभ बच्चन को यह भी बताया गया कि जब केंद्र सरकार में हेमवती संचार मंत्री थे तब उन्होंने नैनी जैसे वीरान इलाके में आईटीआई (इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्रीज) जैसी बड़ी कंपनी की स्थापना की। जिसमें पांच हजार से ज्यादा कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। उनके कर्मचारी अपने परिवार सहित इलाहाबाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे हैं। इसके साथ बहुगुणा ने बीपीसीएल, रेमंड आदि एक दर्जन से ज्यादा बड़ी कंपनियों की स्थापना की।
पेट्रोलियम मंत्री के रूप में भी इलाहाबाद में उन्होंने बहुत काम किया है। ऐसे में उन्हें हराना आसान नहीं है। इतना सुनते ही अमिताभ बच्चन और जया बच्चन दोनों चिंतित हो उठे। अमिताभ और जया ने वरिष्ठ लोगों के साथ बैठक की। उस बैठक में चुनाव की रणनीति के तहत जया बच्चन ने अलग से गाड़ी लेकर मुटठीगंज, मालवीय नगर, कीडगंज, कटरा, अल्लापुर, दारागंज आदि घनी आबादी वाले मोहल्लों और बाजारों में घर-घर दस्तक देनी शुरू कर दी।
वरिष्ठ समाजवादी नेता केके श्रीवास्तव बताते हैं कि एक-एक मतदाता से मिलने की रणनीति पर काम करते हुए तब जया ने लोगों से कहा कि अमिताभ बच्चन इलाहाबाद के हैं। इस नाते में आपकी बहु हूं। मुझे मुंह दिखाई में सिर्फ अमिताभ के लिए वोट चाहिए। उनकी यह अपील काम कर गई। उस समय के समाचार पत्रों में भी उसका प्रकाशन हुआ। चुनाव परिणाम आया तो वह चौंकाने वाला रहा। अमिताभ ने तब इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र की सबसे बड़ी जीत हासिल की।