इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने जा रही है। इविवि प्रशासन इसके लिए नए रोस्टर रोस्टर और स्क्रीनिंग की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है। इविवि में चार अगस्त को होने वाली एकेडमिक कौंसिल की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगाए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही कौंसिल की बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जाने हैं।
एकेडमिक कौंसिल की बैठक में जीबी पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान में परास्नातक के तहत नए पाठ्यक्रम ‘एमए इन लिबरल स्टडीज’ को मंजूरी मिल सकती है। इसके लिए जीबी पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. बद्री नारायण ने इवि प्रशासन को पिछले दिनों प्रस्ताव भेजा था।
इविवि के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर उमाकांत यादव ने दो जून को प्रस्ताव भेजा था कि विश्वविद्यालय का ध्येय वाक्य (कोट रैमी टोट अरबोरस्य) को संस्कृत में भी कर दिया जाए। सुझाव दिया कि इसकी जगह ध्येय वाक्य ‘यावत्य: शाखा: तावन्तो वृक्षा: या यावत्य: शाखास्तावन्तो वृक्षा:’ कर दिया जाए। इस पर एकेडमिक कौंसिल अपनी मुहर लगा सकती है।
विश्वविद्यालय में अब एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल किए जाने की तैयारी है। एकेडेमिक कौंसिल की बैठक में इस पर भी मुहर लगाए जाने की तैयारी है।
एकेडमिक कौंसिल के पांच सदस्यों को थपुन: नामित किया गया है। बुधवार को प्रस्तावित बैठक में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इनमें लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक राय, एमएनएनआइटी के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी, बीएचयू के कुलपति प्रो, राजेश भटनागर, दिल्ली विश्वविद्यालय में गणित विभाग के प्रो. तरुण दास और शिक्षाशास्त्र विभाग की प्रो. नमिता रंगनाथन का नाम शामिल है।