याची के चयन के बाद पुलिस सत्यापन में आपराधिक केस दर्ज होने की रिपोर्ट दी गई। याची को केस तय कराने के लिए चार माह का समय दिया गया। वह तय नहीं करा सका। याची का कहना था कि अवतार सिंह केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत सरकार व विपक्षी को निर्णय लेना है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विधानसभा में सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा में चयनित अभ्यर्थी मशरुल अली की नियुक्ति पर अवतार सिंह केस के फैसले के आलोक में दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने याची को दो हफ्ते में नए सिरे से प्रत्यावेदन देने का भी आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने याची मशरूल अली की याचिका पर दिया है।
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याची के चयन के बाद पुलिस सत्यापन में आपराधिक केस दर्ज होने की रिपोर्ट दी गई। याची को केस तय कराने के लिए चार माह का समय दिया गया। वह तय नहीं करा सका। याची का कहना था कि अवतार सिंह केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत सरकार व विपक्षी को निर्णय लेना है। याची के खिलाफ तुच्छ श्रेणी के अपराध धारा 506 भादंड संहिता व धारा 66 ए व 67 में एफआईआर दर्ज है। श्रेया सिंह केस में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 66 ए को असांविधानिक करार दिया है। याची के खिलाफ दर्ज आपराधिक केस की अनदेखी कर नियुक्ति की जा सकती है।