दो थानों में पोस्टिंग को लेकर हुई थी बातचीत
सूत्रों का कहना है कि ऑडियो में एक नहीं बल्कि दो थानों में बतौर थानेदार पोस्टिंग को लेकर बातचीत सामने आई थी। इनमें से एक थाना हंडिया जबकि दूसरा थाना घूरपुर था। अक्तूबर 2017 में यह मामला सामने आया था जिसके बाद तत्कालीन आईजी रेंज प्रयागराज रमित शर्मा ने प्रकरण की जांच प्रतापगढ़ के तत्कालीन एसपी शगुन गौतम को सौंपी थी। नवंबर में एसपी ने जांच रिपोर्ट दी जिसमें ऑडियो सही पाए जाने की पुष्टि की गई।
यह रिपोर्ट डीजी मुख्यालय को भेजी गई। दिसंबर में मुख्यालय से मामले की जांच भ्रष्टाचार निवारण संगठन को सौंप दी गई थी। इस दौरान संजय कुमार सिंह दारागंज थाने के प्रभारी थे जिन्हें हटा दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में एक और दरोगा का नाम सामने आया था और उससे तब माघ मेले के कल्पवासी थाने का चार्ज छीन लिया गया था। कुछ साल बाद इसी दरोगा पर आय से अधिक संपत्ति का मामला भी घूरपुर थाने में दर्ज कराया गया था।