साउथ मलाका के चर्चित वैश्य परिवार हत्याकांड की जांच अब संपत्ति विवाद और उत्तराधिकार के पहलू पर भी केंद्रित हो गई है। पुलिस को घटनास्थल से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जिनके आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य अपनी करोड़ों रुपये की संपत्ति आखिर किसे सौंपना चाहते थे।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि वीरेंद्र वैश्य अपने दोनों बेटों को संपत्ति से बेदखल कर चुके थे। पुलिस के अनुसार मकान से मिले दस्तावेजों में संपत्ति, बेदखली और पारिवारिक अधिकारों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण कागजात शामिल हैं। पुलिस अब इन दस्तावेजों का सत्यापन करा रही है।
इसके लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बेदखली की कानूनी स्थिति क्या थी और संपत्ति के लिए वीरेंद्र वैश्य की अंतिम मंशा क्या थी।
अश्विनी और रितु के बयान भी अहम
दूसरी ओर जांच टीम छोटे बेटे अश्विनी वैश्य और उसकी पत्नी रितु के बयान दर्ज करने में जुटी हुई है। रितु ने बताया कि उनको और उनके पति को फंसाने के लिए घर में बंटी-बबली ने मारा है कि बात लिख दी थी। पुलिस का मानना है कि इन बयानों से परिवार के अंदर चल रहे विवादों और संपत्ति की स्थिति को समझने में मदद मिल सकती है।
जल्द खुल सकता है सील मकान
कोतवाली थाना प्रभारी नितेंद्र शुक्ला ने बताया कि वारदात के बाद घटनास्थल को सील कर दिया गया था। फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और अन्य जांच एजेंसियों की ओर से आवश्यक साक्ष्य जुटाने का कार्य चल रहा है। जांच पूरी होने के बाद मकान को खोलने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा।