प्रधानाचार्या माधुरी श्रीवास्तव की देखरेख में आयोजित इस आयोजन का लक्ष्य बालवाटिका को विद्यालयों में सशक्त बनाना, बुनियादी स्तर पर सीखने के एक उपकरण के रूप में जादुई पिटारे के बारे मेें चर्चा, योजनानुसार ई-जादुई पिटारा पर विचार-विमर्श और उसके लिए मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल करना था।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के तत्वावधान में एमपीवीएम - गंगागुरुकुलम के विवेकानंद प्रेक्षागृह में शुक्रवार को हुई’बालवाटिका और जादुई पिटारा पर परार्मश में विभिन्न जानकारी साझा की गई। प्रधानाचार्या माधुरी श्रीवास्तव की देखरेख में आयोजित इस आयोजन का लक्ष्य बालवाटिका को विद्यालयों में सशक्त बनाना, बुनियादी स्तर पर सीखने के एक उपकरण के रूप में जादुई पिटारे के बारे मेें चर्चा, योजनानुसार ई-जादुई पिटारा पर विचार-विमर्श और उसके लिए मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल करना था।
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बैठक का उद्देश्य विभिन्न शिक्षण के कौशल और ज्ञान के साथ-साथ राट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा जो भारत की शैक्षिक ढांचे का एक मूलभूत घटक है उससे परिचित कराना था। जिसमें पाठ्यक्रम का लक्ष्य छात्रों को इस प्रकार कौशल प्रदान करना, ताकि वे अपने वांछित ज्ञान को प्राप्त कर सकें। छात्रों की समस्या समाधान, व्यावहारिक अनुभवों तथा सहयोग के माध्यम से लक्ष्य प्राप्ति में सहयोग प्रदान कर सके।
बदलते परिवेा के साथ समाज में क्षमता निर्माण के लिए मार्गदर्शक की महत्वपूर्ण भूमिका, बालवाटिका पर पंजीकरण करवाने आदि नियमों पर चर्चा की गई। बैठक में 50 विद्यालयों के लगभग 300 प्रतिभागियों ने, 50 प्रधानाचार्यों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आरंभ सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। प्रधानाचार्या माधुरी श्रीवास्तव ने सभी का अभिनंदन किया। गंगागुरूकुलम के छात्रों के मनमोहक नृत्य ने सभागार में उपस्थित सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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अंत में विद्यालय की अध्यापिका आभा मिश्रा ने सभी अतिथियों, प्रधानाचार्यों तथा समस्त शिक्षक गण का आभार व्यक्त किया। साथ ही साथ उन्होंने सभी कर्मचारियों को भी धन्यवाद दिया। इस मौके पर रेखा बैद,सज्जन कुमार, ललित कुमार कपिल, अखिलेश कुमार का अभिनंदन किया गया।