Prayagraj News : इंदिरा मैराथन में प्रतिभाग करते धावक।
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उन्हें उम्मीद थी कि खेल एवं युवा कल्याण मंत्री बतौर मुख्य अतिथि इसमें शामिल होंगे तो मैराथन को कुछ न कुछ देकर ही जाएंगे। समारोह शुरू होने के निर्धारित समय से आधा घंटा विलंब से पहुंचे मंत्री को किसी जरूरी कार्य से बलिया जाना था, सो समारोह को बीच में ही रोककर पुरस्कार वितरण कराया गया और इसके बाद मंत्री निकल गए।
हालांकि मंत्री ने जैसे ही मंच से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद करते हुए यह कहा कि इस मैराथन में 9.70 लाख रुपये के पुरस्कार दिए जाते हैं, तो खेल प्रेमियों को लगा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुराछात्र और खेल मंत्री इस बार मैराथन के लिए कुछ नई घोषणा करने जा रहे हैं, लेकिन 28 एथलीटों के बीच इस पुरस्कार राशि को पर्याप्त बताते हुए मंत्री आगे बढ़ गए।
इंदिरा मैराथन को प्रायोजक भी नहीं मिले। पूर्व की मैराथनों में समापन समारोह के दौरान स्टेडियम प्रायोजकों के पोस्टर-बैनर से पटा रहता था, लेकिन इस बार मैराथन को प्रायोजित करने वाले पुराने चेहरे भी समापन समारोह में कहीं नजर नहीं आए।
Prayagraj News : इंदिरा मैराथन के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करतीं छात्राएं।
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छात्राओं ने रोका मंत्री का रास्ता
इंदिरा मैराथन के समापन समारोह में जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (कटरा) की छात्राओं को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया था। छात्राएं सुबह 11.30 बजे ही अपनी शिक्षिकाओं के साथ स्टेडियम पहुंच गईं थीं। खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी समारोह बीच में छोड़कर जाने लगे तो छात्राओं ने उनका रास्ता रोक लिया और उनके साथ ही कार्यक्रम प्रस्तुत किया। हालांकि जीजीआईसी कटरा की छात्राएं मंत्री के जाने के बाद कार्यक्रम प्रस्तुत कर सकीं।
कार्यक्रम दोपहर एक बजे शुरू होना था। डेढ़ बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मंत्री ने कहा कि इन दिनों शादी-ब्याह का मौसम है और उन्हें बलिया जाना है, इसलिए थोड़ा जल्दी निकलेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद जीजीआईसी एवं जीजीआईसी कटरा की छात्राओं को कार्यक्रम प्रस्तुत करना था, तभी मंच से घोषणा की गई कि समय की कमी के कारण मंत्री का उद्बोधन होगा और फिर पुरस्कार वितरण।
मंत्री के जाने के बाद छात्राएं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी। इससे छात्राओं के चेहरे उतर आए। मंत्री कार्यक्रम छोड़कर जाने लगे तो जीजीआईसी की छात्राओं ने उनका रास्ता रोक लिया और कार्यक्रम देखकर जाने का निवेदन किया। मंत्री अपनी जगह बैठ गए। इसके बाद जीजीआईसी कटरा की छात्राओं का नंबर आया, लेकिन देर होने के कारण मंत्री को जाना पड़ा। मुख्य अतिथि के जाते ही वहां मौजूद भीड़ भी छंटने लगी। मंत्री के जाने के बाद उन्हें कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया।