फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में कोर्ट ने एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह को दोषी माना था। कोर्ट की ओर से सजा पर सुनवाई से पहले ही 22 मार्च को उन्हें जेल जाना पड़ा था। हालांकि 24 मार्च को जनपद न्यायाधीश की कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए सशर्त जमानत दे दी थी।
फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस बनवाने के मामले में पेशी पर नहीं आने से नाराज जनपद न्यायाधीश की कोर्ट ने अपील की सुनवाई के दौरान आरोपी एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी की जमानत निरस्त दी। कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आरोपी के जमानतदारों को भी नोटिस जारी करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में कोर्ट ने एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह को दोषी माना था। कोर्ट की ओर से सजा पर सुनवाई से पहले ही 22 मार्च को उन्हें जेल जाना पड़ा था। हालांकि 24 मार्च को जनपद न्यायाधीश की कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए सशर्त जमानत दे दी थी। इस मामले में 20 अप्रैल को आरोपी एमएलसी अक्षय प्रताप पेशी पर नहीं आए। उनके अधिवक्ता ने कोर्ट में हाजिरी माफीनामा प्रस्तुत किया।
शुक्रवार को भी अपील की सुनवाई के दौरान एमएलसी कोर्ट में नहीं पहुंचे। दोबारा उनके अधिवक्ता की ओर से हाजिरी माफीनामा प्रस्तुत किया गया लेकिन, कोर्ट ने इसे नामंजूर कर दिया। न्यायालय ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह की जमानत निरस्त कर दी। उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने एमएलसी के जमानतदारों को भी नोटिस जारी करने के लिए कहा है।