सेवानिवृत्त कर्मियों/श्रमजीवियों के संगठन सिटिजंस ब्रदरहुड के महामंत्री विनोद कुमार तिवारी ने जब अपर निदेशक कार्यालय, सीजीएचएस प्रयागराज से सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगी तो जवाब मिला कि 55 पेंशनरों के बिल सीजीएचएस को प्राप्त हुए हैं। यानी इन 55 पेंशनरों को कोविड का कैशलेस इलाज नहीं मिला, बल्कि अस्पतालों ने उनसे मनमाने तरीके से वसूली की।
सिटिजंस ब्रदरहुड के महामंत्री ने आरटीआई में यह भी पूछा कि अस्पतालों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई तो जवाब मिला कि कोई शिकायत नहीं आई, जबकि तुलसीराम ने क्लेम के फॉर्म पर और सीजीएचएस के निदेशक को पत्र भेजकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। विनोद कुमार तिवारी का कहना है कि कोविड के इलाज के दौरान अन्य राज्यों और शहरों में भी पेंशनरों के साथ ऐसे ही मनमानी की गई और ऐसे में करोड़ों रुपये का खेल हुआ है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से मांग की है कि प्रकरण की जांच कराई जाए और पेंशनरों को वास्तविक व्यय का भुगतान किया जाए।
पत्र भेजकर सीजीएचएस ने की खानापूरी
आरटीआई के जवाब में अपर निदेशक कार्यालय, सीजीएचएस प्रयागराज की ओर से कहा गया है कि कैशलेस इलाज के लिए सभी पैनलबद्ध अस्पतालों को अप्रैल 2021 में पत्र भेजा गया था। सभी अस्पताल पेंशनरों को कैशलेस सुविधा दे रहे हैं। कैशलेस सुविधा न देने के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।